DGP ASHOK Juneja: Ashok Juneja may get extension again, why could not a new appointment be made?
रायपुर। छत्तीसगढ़ के डीजीपी अशोक जुनेजा को एक बार फिर सेवावृद्धि मिलने की संभावना है। उनका मौजूदा सेवावृद्धि कार्यकाल 4 फरवरी 2025 को समाप्त हो रहा है, लेकिन राज्य सरकार ने अब तक नए डीजीपी के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को नया पैनल नहीं भेजा है।
क्यों नहीं हो सकी नई नियुक्ति ? –
राज्य सरकार ने पहले पांच अफसरों का पैनल UPSC को भेजा था, जिसमें अरुण देव गौतम, पवन देव, हिमांशु गुप्ता, एसआरपी कल्लूरी और प्रदीप गुप्ता के नाम शामिल थे। UPSC ने इसे वापस लौटा दिया और तीन नामों का पैनल भेजने का सुझाव दिया। इसके बाद सरकार ने अरुण देव गौतम, पवन देव और हिमांशु गुप्ता का पैनल भेजा। लेकिन 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी जीपी सिंह के बहाल होने के बाद UPSC ने उनके नाम को भी पैनल में जोड़ने का सुझाव दिया।
वरिष्ठता विवाद के चलते अटका मामला –
जीपी सिंह की वरिष्ठता के कारण हिमांशु गुप्ता का नाम पैनल में नीचे आ रहा है, जिससे यह मामला और पेचीदा हो गया। राज्य सरकार ने अभी तक संशोधित पैनल UPSC को नहीं भेजा है।
क्यों मिल सकती है सेवावृद्धि? –
अशोक जुनेजा को पहले भी नक्सल अभियान में उनकी भूमिका के आधार पर सेवावृद्धि दी गई थी। नक्सल ऑपरेशन की निरंतरता बनाए रखने के लिए उन्हें फिर से सेवावृद्धि मिलने की चर्चा है।
मुख्य सूचना आयुक्त पद के लिए आवेदन –
सूत्रों के मुताबिक, अशोक जुनेजा ने मुख्य सूचना आयुक्त पद के लिए आवेदन किया है। इस पद के लिए मौजूदा मुख्य सचिव अमिताभ जैन का नाम भी चर्चा में है, जो जून 2025 में रिटायर होंगे।
क्या होगा 4 फरवरी के बाद? –
अगर अशोक जुनेजा को फिर से छह महीने की सेवावृद्धि मिलती है, तो डीजीपी की रेस में शामिल 1992 बैच के अफसर अरुण देव गौतम और पवन देव के लिए यह झटका हो सकता है। अरुण देव गौतम 2027 और पवन देव 2028 में रिटायर होंगे, लेकिन उनकी डीजीपी बनने की उम्मीदों पर फिर पानी फिर सकता है।
अगले कदम पर सबकी नजरें –
अब यह देखना होगा कि राज्य सरकार UPSC को नया पैनल कब भेजती है और क्या अशोक जुनेजा को एक बार फिर सेवावृद्धि का मौका मिलता है।

