: दिल्ली की अदालत ने गायिका और कलाकार सपना चौधरी के खिलाफ पुलिस को गलत जानकारी देने और अपने पूर्व प्रबंधक पवन चावला के खिलाफ कथित तौर पर झूठी शिकायत दर्ज करने के लिए जांच का आदेश दिया है। Sapna Chaudhary और पवन चावला ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। सपना चौधरी ने पुलिस में दावा किया था कि चावला ने उसे कोरे कागज पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया था। पुलिस ने एक जांच में पाया कि चावला उसी शहर में नहीं थे, जिस दिन कथित घटना हुई थी। पुलिस ने आईपीसी की धारा 182 के तहत सपना चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज करने की अनुमति के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। द्वारका जिला अदालत ने आदेश पारित करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस झूठी शिकायत के आरोप की जांच कर सकती है, लेकिन किसी भी गिरफ्तारी के लिए अदालत से वारंट की आवश्यकता होगी।
सपना चौधरी के खिलाफ दर्ज हुई थी एफआईआर
इससे पहले फरवरी 2021 में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने सपना चौधरी के खिलाफ केस दर्ज किया था। सपना चौधरी पर कथित तौर पर एक प्रबंधन फर्म को 3.5 करोड़ रुपये का धोखा देने, धन की हेराफेरी करने और समझौते की शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप लगे थे।
पी एंड एम मूवीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पवन चावला की शिकायत पर धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्राथमिकी में, चावला ने कहा कि उनकी फर्म 2018 से चौधरी का काम देख रही है। दोनों पक्षों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसे बाद में गायक ने कथित तौर पर तोड़ दिया था। सपना चौधरी की मां नीलम, उनके भाई-बहन शिवानी और करण, और उनकी भाभी रचना को भी नितिन कुमार नामक एक व्यक्ति के साथ प्राथमिकी में नामजद किया गया है, जो चावला के लिए काम करता था।
