CHHATTISGARH : Train arrived for the first time, woman loco pilot created history!
रायपुर। छत्तीसगढ़ के जिस इलाके में आजादी के बाद लोगों ने कभी ट्रेन नहीं देखी थी, वहां अब रेलगाड़ी पहुंच गई है। ताड़ोकी–रावघाट ब्रॉडगेज रेल लाइन के उद्घाटन के साथ महिला लोको पायलट प्रतिभा बंसोड़ को पहली ट्रेन लेकर पहुंचने का मौका मिला। उनके लिए भी यह सफर बेहद खास रहा।
प्रतिभा बंसोड़ के नाम खास उपलब्धि
भिलाई की रहने वालीं प्रतिभा बंसोड़ बिलासपुर रेल मंडल की पहली महिला लोको पायलट हैं। उद्घाटन के बाद वह ट्रेन लेकर रावघाट पहुंचीं। उन्होंने बताया कि इस इलाके के लोगों ने पहले कभी ट्रेन नहीं देखी थी। पहली बार यहां रेलगाड़ी लेकर पहुंचना उनके लिए यादगार अनुभव है। उन्होंने इस अवसर के लिए रेलवे अधिकारियों का आभार भी जताया।
प्रतिभा अब तक तीन नई ट्रेनों का संचालन कर चुकी हैं। रावघाट तक ट्रेन पहुंचाना उनके लिए एक और बड़ी उपलब्धि है।
अब आसान होगा सफर
ताड़ोकी–रावघाट रेल लाइन के शुरू होने से स्थानीय लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और व्यापार के लिए दूसरे शहरों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। प्रतिभा के मुताबिक, इस रूट पर सप्ताह में छह दिन मेमू ट्रेन चलने से लोगों का सफर आसान होगा।
1628 करोड़ की परियोजना
दल्लीराजहरा–रावघाट रेल लाइन की कुल लंबाई 95 किलोमीटर है और इस परियोजना पर 1,628 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। ताड़ोकी–रावघाट के 17.5 किलोमीटर हिस्से पर रेल सेवा शुरू होने से क्षेत्र में कनेक्टिविटी बढ़ेगी। इसके साथ ही रावघाट क्षेत्र से लौह अयस्क की ढुलाई में तेजी आने और भिलाई इस्पात संयंत्र को मदद मिलने की उम्मीद है।
