CG NEWS : Surface Rights Framework implemented in Chhattisgarh, big relief to auctioned mines
रायपुर, 4 दिसंबर 2025। छत्तीसगढ़ सरकार ने खनन गतिविधियों में तेजी लाने के लिए सतही अधिकार (Surface Rights) फ्रेमवर्क लागू कर दिया है। यह कदम भारत सरकार के 3 जुलाई 2024 के ऐतिहासिक आदेश के अनुपालन में उठाया गया है, जिसके तहत नीलाम खनिज ब्लॉकों में उत्पादन शुरू करने की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने का निर्देश था।
मुख्य बातें –
RULE-801/97/2025-MRD दिनांक 23.10.2025 के तहत जिला कलेक्टरों को वार्षिक सतही मुआवजा निर्धारित करने और खनन पट्टा धारकों को भूमि पर प्रवेश दिलाने का अधिकार दिया गया।
अब खनन पट्टा धारक लीज क्षेत्र में सीधे प्रवेश कर पाएंगे, बिचौलियों या निजी सौदों की आवश्यकता समाप्त होगी।
अधिसूचना के अनुसार सतही मुआवजा हर वर्ष 30 जून तक जमा करना अनिवार्य होगा, प्रो-राटा आधार पर संचालन से पूर्व भी भुगतान किया जा सकेगा।
अधिकारी मुआवजा निर्धारण के लिए 90 दिन की समय-सीमा में निर्णय करेंगे।
अधिसूचना हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में प्रकाशित की गई और 23 अक्टूबर 2025 से प्रभावी हो गई है।
नीलाम खदानों के लिए बड़ी राहत
इस नए ढांचे से खनन पट्टा धारकों को भूमि पर प्रवेश में तेजी मिलेगी और खदानों में उत्पादन 18 महीनों के भीतर शुरू हो सकेगा। इससे राज्य को अधिक रॉयल्टी, प्रीमियम, DMF और कर राजस्व प्राप्त होगा।
भूमि स्वामियों और उद्योग पर प्रभाव
भूमि स्वामियों को वार्षिक मुआवजा प्रशासन द्वारा तय किया जाएगा।
बिचौलियों से सुरक्षा और पारदर्शी मुआवजा प्रणाली सुनिश्चित होगी।
सफल बोलीदाताओं को जिला कलेक्टर से सीधे संपर्क और त्वरित भूमि प्रवेश की सुविधा मिलेगी।
खनन अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
छत्तीसगढ़ इस नए नियम के साथ उन अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है जिन्होंने भारत सरकार के सतही अधिकार फ्रेमवर्क को पूर्ण रूप से लागू किया है। इससे खनन परियोजनाओं में तेजी, पारदर्शिता और सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा।

