CHHATTISGARH : If you get a seat in NEET PG, it is necessary to take admission, otherwise you will be shocked!
रायपुर। छत्तीसगढ़ में एमडी-एमएस की काउंसिलिंग में शामिल होने वाले छात्रों के लिए इस बार नियम सख्त हैं। सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में सीट आवंटित होने के बाद उसे स्वीकार करने वाले छात्रों को तय समय में प्रवेश लेना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर वे प्रवेश प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे और आगे की काउंसिलिंग में भी शामिल नहीं हो सकेंगे।
प्रदेश में पीजी की कुल 642 सीटें हैं। इनमें सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 378 और निजी कॉलेजों में 264 सीटें शामिल हैं। छात्र आवंटित सीट से संतुष्ट नहीं हैं तो उसे अस्वीकार कर अगले राउंड की काउंसिलिंग में बने रह सकते हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, काउंसिलिंग से पहले सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखना भी जरूरी है। आवंटन सूची में नाम आने के बाद दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलने पर प्रवेश के लिए अपात्र घोषित किया जा सकता है।
निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के दौरान 8 से 10 लाख रुपए तक ट्यूशन फीस जमा करनी होगी। कॉलेज बदलने की स्थिति में 10 प्रतिशत कटौती के बाद बाकी फीस लौटाने का नियम बताया गया है।
दिवाली के बीच पूरी करनी होगी प्रक्रिया
पीजी प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 10 नवंबर तक चलेगी। इसी बीच 8 नवंबर को दिवाली है। काउंसिलिंग से जुड़े कर्मचारियों ने त्योहार पर छुट्टी की जरूरत जताई है। इस बार 6 छात्रों को मेडिसिन, 3 को रेडियो डायग्नोसिस और एक को स्किन की सीट मिली है।


