SUPREME COURT GUIDELINES: A 24-hour time limit will apply from the moment of taking someone into custody.
SUPREME COURT GUIDELINES: सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी की 24 घंटे की समय-सीमा पर स्पष्ट आदेश देते हुए कहा कि किसी भी शख्स की गिरफ्तारी का समय उसके हिरासत में लेते ही शुरू हो जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि 24 घंटे की वह अवधि, जिसके भीतर किसी आरोपी को न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना होता है, हिरासत में लिए जाने के समय से शुरू होती है, न कि केवल औपचारिक गिरफ्तारी के समय से।
कोर्ट ने कहा कि दोनों ही हालात में व्यक्ति की स्वतंत्रता सीमित हो जाती है। अदालत ने कहा कि हिरासत और गिरफ्तारी के बीच कोई फर्क करने की कोशिश करना संवैधानिक रूप से मान्य नहीं है।
एक दूसरी अहम टिप्पणी में कोर्ट ने कहा कि मुकदमे में देरी और जमानत देने के मामलों में आरोपी के मौलिक अधिकारों को विशेष कानूनों के प्रावधानों पर प्राथमिकता दी जानी चाहिए।


