छत्तीसगढ़. हाईकोर्ट के जस्टिस गौतम भादुड़ी की सिंगल बेंच ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 2 साल पहले करंट की चपेट में आकर जान गंवाने वाले बिजली विभाग के कर्मचारी के मामले पर सुनवाई करते हुए कहा है कि अगर किसी व्यक्ति की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत होती है तो इसके लिए बिजली विभाग जिम्मेदार होगा। साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता को मुआवजे के तौर पर 4.5 लाख रुपए भी देने का आदेश क्रेडा को जारी किया है।
2019 में रविन्द्र साहू की करंट लगने से हो गई थी मौत
याचिकाकर्ता ओमप्रकाश का बेटा रविन्द्र कुमार साहू बिजली विभाग के अधीन क्रेडा (छत्तीसगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी) की ओर से लगाए गए सौर संयंत्र में मेंटेनेंस का काम करता था। लेकिन 12 दिसंबर 2019 में काम के दौरान रविन्द्र हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई।

