CHHATTISGARH : Permission is not required for praying at home, a major decision by the High Court
रायपुर। हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया है कि अपने घर में शांति से प्रार्थना करने के लिए किसी भी तरह की सरकारी अनुमति लेने की जरूरत नहीं है।
जस्टिस Naresh Kumar Chandravanshi की बेंच ने पुलिस के उन नोटिसों को ही खारिज कर दिया, जिनके जरिए प्रार्थना सभा पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही थी।
मामला Janjgir-Champa जिले के नवागढ़ इलाके का था, जहां लोग साल 2016 से अपने घर में प्रार्थना सभा कर रहे थे। बावजूद इसके पुलिस बार-बार नोटिस भेजकर उन्हें रोकने की कोशिश कर रही थी।
कोर्ट ने साफ कहा जब तक प्रार्थना से कोई शांति भंग या कानून-व्यवस्था की दिक्कत नहीं होती, तब तक इसमें दखल देना गलत है। साथ ही पुलिस को कड़े निर्देश दिए गए कि वे जांच के नाम पर लोगों को परेशान न करें और उनके नागरिक अधिकारों का सम्मान करें।
इस फैसले के बाद अब साफ हो गया है कि निजी घर में धार्मिक गतिविधियों पर बेवजह रोक नहीं लगाई जा सकती।

