CG HIGH COURT : 5th class marksheet becomes shield, orders to return job
रायपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सरकारी नौकरी से जुड़े एक अहम मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कर दिया कि भारत सरकार के प्रौढ़ शिक्षा मिशन के तहत जारी कक्षा 5वीं की मार्कशीट भी राज्य की सामान्य 5वीं की मार्कशीट के बराबर मानी जाएगी।
इसी फैसले के साथ कांकेर की महिला सफाईकर्मी लता कोर्राम को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनकी बर्खास्तगी को अवैध बताते हुए तुरंत नौकरी पर बहाल करने और 40 फीसदी बकाया वेतन देने का आदेश दिया है।
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मामला तब शुरू हुआ जब लता कोर्राम ने 2014 में राष्ट्रीय साक्षरता मिशन के तहत 5वीं की परीक्षा पास की थी। इसी योग्यता के आधार पर उन्हें 2022 में नौकरी मिली, लेकिन महज तीन महीने बाद यह कहते हुए हटा दिया गया कि उनकी मार्कशीट निर्धारित पात्रता के बराबर नहीं है।
हाई कोर्ट ने इस दलील को खारिज कर दिया और कहा कि केंद्र सरकार के इस प्रमाण पत्र को मान्यता प्राप्त है। ऐसे में केवल इसी आधार पर किसी कर्मचारी को नौकरी से निकालना कानून के खिलाफ है।
फैसले के बाद अब ऐसे हजारों लोगों के लिए भी रास्ता साफ हो सकता है जिन्होंने प्रौढ़ शिक्षा मिशन के जरिए पढ़ाई पूरी कर सरकारी नौकरियों में आवेदन किया है।
