CHHATTISGARH : High Court strict, delay not forgiven… straightaway rejected the entire appeal
रायपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने साफ संदेश दे दिया है कि कानून में लेटलतीफी अब नहीं चलेगी। नेशनल हाईवे के लिए जमीन अधिग्रहण से जुड़े मुआवजा विवाद में कोर्ट ने 101 दिन की देरी को माफ करने से इनकार कर दिया और पूरी अपील ही खारिज कर दी।
मामला NH-200 (अब NH-49) के चौड़ीकरण से जुड़ा है, जहां जमीन मालिक को दिए गए मुआवजे को लेकर विवाद था। पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता ने जिला कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी, लेकिन हाई कोर्ट में अपील करने में 101 दिन की देरी हो गई।
कोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि इतनी लंबी देरी को सामान्य कारणों से माफ नहीं किया जा सकता। “प्रशासनिक वजह” कोई ठोस कारण नहीं है।
कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि देरी माफी कोई अधिकार नहीं, बल्कि कोर्ट का विवेक है और खासकर आर्बिट्रेशन मामलों में समयसीमा का सख्ती से पालन जरूरी है।
चूंकि विभाग देरी के लिए ठोस वजह नहीं बता पाया, इसलिए कोर्ट ने न सिर्फ देरी माफी का आवेदन खारिज किया, बल्कि पूरी अपील भी खत्म कर दी।

