CHHATTISGARH : Which department is at the forefront in bribery?
रायपुर। छत्तीसगढ़ में रिश्वतखोरी के मामलों को लेकर सामने आए आंकड़े चौंकाने वाले हैं। साल 2021 से मई 2026 तक के आंकड़ों में राजस्व विभाग सबसे आगे है। यहां एसडीओ से लेकर कोटवार तक के नाम रिश्वतखोरी के मामलों में सामने आए हैं।
193 सरकारी कर्मचारी गिरफ्तार
आंकड़ों के मुताबिक, बीते पांच वर्षों में रिश्वत लेने के आरोप में 193 अधिकारी-कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया। इन मामलों में कुल 51.60 लाख रुपये से अधिक की रिश्वत लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
वर्षवार आंकड़ों पर नजर डालें तो 2023 में कोई मामला दर्ज नहीं हुआ। वहीं, 2024 में दर्ज 44 मामलों में 57 अधिकारी-कर्मचारी पकड़े गए। साल 2025 में 60 मामलों में 71 लोगों की गिरफ्तारी हुई। 2026 में मई तक 24 मामलों में 36 लोग रिश्वतखोरी के आरोप में पकड़े गए।
राजस्व विभाग पहले नंबर पर
विभागवार आंकड़ों में राजस्व विभाग सबसे ऊपर है। यहां 56 ट्रैप मामलों में 67 लोग पकड़े गए। इनमें एसडीओ से लेकर कोटवार तक शामिल हैं।
स्कूल शिक्षा विभाग दूसरे नंबर पर रहा। यहां 20 मामलों में 25 अधिकारी-कर्मचारी पकड़े गए। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में 14 मामलों में 15 और पुलिस विभाग में 10 मामलों में 13 रिश्वतखोरी के आरोपी पकड़े गए। इनमें टीआई से लेकर सिपाही तक शामिल हैं।
वहीं, परिवहन विभाग में पिछले पांच वर्षों के दौरान रिश्वतखोरी का सिर्फ एक मामला दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
ये आंकड़े सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी के खिलाफ कार्रवाई की तस्वीर दिखाते हैं। अब सवाल है कि ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए व्यवस्था में कितने बदलाव होंगे।
