CHHATTISGARH : Cashless treatment for government employees, know what will change
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए इलाज से जुड़ी बड़ी राहत का रास्ता खुल गया है। अब अस्पताल में इलाज के दौरान अपनी जेब से पैसे खर्च करने और बाद में बिल पास कराने की लंबी प्रक्रिया से छुटकारा मिल सकता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में शासकीय कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
सूचीबद्ध अस्पतालों में मिलेगी सुविधा
नई व्यवस्था के तहत पात्र कर्मचारियों और उनके आश्रितों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इलाज के पूर्व अनुमोदन और चिकित्सा दावों की प्रक्रिया भी ऑनलाइन और डिजिटल माध्यम से पूरी की जाएगी।
इस फैसले से गंभीर बीमारी या अचानक अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में परिवारों को इलाज के लिए तुरंत बड़ी रकम जुटाने की परेशानी कम हो सकती है। फिलहाल कई मामलों में कर्मचारियों को पहले इलाज का खर्च देना पड़ता है और बाद में प्रतिपूर्ति के लिए जरूरी दस्तावेजों और स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
दिल्ली में पदस्थ कर्मचारियों को भी फायदा?
छत्तीसगढ़ शासन के दिल्ली स्थित कार्यालयों में पदस्थ कर्मचारियों के लिए भी यह फैसला अहम हो सकता है। हालांकि, राज्य के बाहर पदस्थ कर्मचारियों को सुविधा मिलेगी या नहीं, यह लागू होने वाले नियमों और सूचीबद्ध अस्पतालों पर निर्भर करेगा।
अब सभी की नजरें इस व्यवस्था के विस्तृत नियमों, पात्रता की शर्तों और अस्पतालों की सूची पर रहेंगी।
