Chai Pe Charcha: Is a Cabinet expansion on the cards?
पत्रकार दीपक तिवारी
प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में इन दिनों मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। विश्वास सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा मुख्यमंत्री निवास में बुलाई गई एक महत्वपूर्ण बैठक ने कई तरह की अटकलों को जन्म दे दिया है।
बताया जाता है कि बैठक इतनी महत्वपूर्ण थी कि प्रदेश के बाहर और दूर-दराज के क्षेत्रों में मौजूद मंत्रियों को भी तत्काल राजधानी पहुंचने के निर्देश दिए गए। चर्चा तो यहां तक है कि कुछ मंत्रियों को समय पर पहुंचाने के लिए विशेष विमान की व्यवस्था भी की गई। मुख्यमंत्री निवास में हुई इस बैठक में कैबिनेट के सभी सदस्य मौजूद थे, वहीं संगठन के महत्वपूर्ण चेहरे पवन सहाय, अजय जामवाल सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं।
चाय की टेबल पर सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि बैठक के दौरान मंत्रियों से इस्तीफे से संबंधित कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए गए हैं। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक जानकार इसे संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल की तैयारी के रूप में देख रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि पहले केंद्र में मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया पूरी होगी उसके बाद राज्य में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कुछ मंत्रियों की छुट्टी, कुछ नए चेहरों की एंट्री और विभागों के पुनर्वितरण की संभावनाओं पर लगातार चर्चा हो रही है।
इधर भाजपा संगठन में भी बदलाव की अटकलें तेज हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि प्रदेश अध्यक्ष के पद को लेकर नए समीकरण बन रहे हैं। सूत्रों के अनुसार वर्तमान में दो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं— विजय बघेल और तोखन साहू । माना जा रहा है कि आने वाले समय में संगठन और सरकार दोनों स्तर पर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
अब इन चर्चाओं में कितनी सच्चाई है और कितना राजनीतिक गणित, यह तो समय बताएगा। फिलहाल सत्ता के गलियारों से लेकर चाय की दुकानों तक एक ही सवाल गूंज रहा है— आखिर मंत्रिमंडल विस्तार की सूची में कौन रहेगा और कौन बाहर होगा
