CGPSC PAPER LEAK CASE : Utkarsh’s anticipatory bail plea rejected
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित CGPSC घोटाले में एक और बड़ा धमाका हुआ है। CBI जांच में सामने आया है कि परीक्षा पास कराने के नाम पर लाखों का खेल चल रहा था। रायपुर के शांति नगर निवासी उत्कर्ष चंद्राकर पर आरोप है कि उसने उम्मीदवारों से मोटी रकम लेकर उन्हें परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए।
सबसे बड़ा खुलासा ये है कि आरोपी ने एक कैंडिडेट से ही 25 लाख रुपए लिए थे, जबकि कई उम्मीदवारों से 50 से 60 लाख रुपए तक की डील की गई थी। CBI के मुताबिक उत्कर्ष ने करीब 30 से 35 कैंडिडेट्स को प्री और मेंस परीक्षा के लीक पेपर उपलब्ध कराए।
जांच में यह भी सामने आया कि उम्मीदवारों को बस में भरकर बारनवापारा रिजॉर्ट ले जाया गया, जहां बंद कमरे में लीक पेपर से तैयारी करवाई गई। रायपुर के होटल और रिजॉर्ट में ठहराकर सवाल याद करवाए गए, ताकि परीक्षा में सीधे फायदा मिल सके।
मामले में आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर फिलहाल फरार है। उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की गुहार लगाई, लेकिन कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि पेपर लीक मेहनती युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ है, इसलिए राहत नहीं दी जा सकती।
इस पूरे घोटाले में CBI अब तक 29 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। जांच एजेंसी के मुताबिक CGPSC के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं और फिलहाल जेल में बंद हैं।
CGPSC का यह घोटाला अब सिर्फ भर्ती घोटाला नहीं, बल्कि सिस्टम में बैठे रसूखदार नेटवर्क की सबसे बड़ी कहानी बनता जा रहा है।

