CG TRIBAL DELISTING CONTROVERSY: डी-लिस्टिंग की बहस में पक्ष-विपक्ष आमने-सामने….. 

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CG Tribal Delisting Controversy: Proponents and Opponents Face Off in the Delisting Debate.

CG TRIBAL DELISTING CONTROVERSY: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जनजाति सांस्कृतिक समागम के मंच पर डी-लिस्टिंग की मांग के बाद छत्तीसगढ़ में अन्य धर्म अपना चुके लोगों को ST सूची से बाहर करने की मांग की जा रही है।

इस बहस में एक और समर्थन तो दूसरी तरफ खुलकर विरोध भी किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ से इस मांग का वनवासी सुरक्षा मंच के बैनर तले पूर्व मंत्री गणेशराम भगत और सांसद भोजराम नाग नेतृत्व कर रहे हैं।

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविन्द नेताम ने डी-लिस्टिंग को लेकर कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर तैयारी की गई है और समाज की भावनाओं के अनुरूप यह मांग लगातार मजबूत हो रही है और देर-सबेर डी-लिस्टिंग होकर रहेगी।

जशपुर में पूर्व संसदीय सचिव यूडी मिंज और गीता उरांव के नेतृत्व में डी-लिस्टिंग की मांग का विरोध प्रदर्शन किया गया।

यूडी मिंज का कहना है कि डी-लिस्टिंग की मांग संविधान की भावना के विपरीत है और इसे अनावश्यक राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।

धर्म परिवर्तन के बाद भी आदिवासी समाज की परंपराएं, रीति-रिवाज और सांस्कृतिक पहचान खत्म नहीं होती है। जशपुर जिले में बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय निवास करता है और समाज की पहचान उसके सांस्कृतिक जीवन से जुड़ी हुई है।

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