CG NAXALI ENCOUNTER UPDATE: Not 12 but 18 Maoists killed in Naxalite encounter, rewarded commander Damodar was also killed…
कांकेर। छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर दक्षिण बस्तर के जंगलों में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में 18 नक्सली मारे गए हैं। इस मुठभेड़ में सेंट्रल कमेटी मेंबर (SCM) दामोदर भी मारा गया है, जिस पर 40 से 50 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सुरक्षा बलों ने 12 नक्सलियों के शव बरामद किए हैं, जबकि 6 शव नक्सली अपने साथ ले गए।
नक्सली संगठन ने पर्चा जारी कर दी जानकारी –
नक्सल संगठन के दक्षिण बस्तर जोनल कमेटी के सचिव गंगा ने पर्चा जारी कर इस मुठभेड़ की पुष्टि की है। पर्चे के अनुसार, मारे गए नक्सलियों में SCM दामोदर दादा, PPCM हुंगी, देवे, जोगा और नरसिंहराव शामिल हैं।
तीन जिलों की संयुक्त कार्रवाई –
दंतेवाड़ा, बीजापुर, और सुकमा जिलों की पुलिस ने CRPF और कोबरा बटालियन के साथ मिलकर 15 जनवरी को ऑपरेशन लॉन्च किया था। यह कार्रवाई पामेड़, उसूर, और बासागुड़ा थाना क्षेत्रों के जंगलों में की गई। सुरक्षा बलों को जानकारी मिली थी कि बटालियन नंबर 1 का कमांडर देवा और कमांडर माड़वी हिड़मा 200 से 250 नक्सलियों के साथ इलाके में मौजूद हैं।
48 घंटे चली मुठभेड़ –
सुरक्षा बलों ने 15 जनवरी की रात नक्सलियों के ठिकाने को घेर लिया। 16 जनवरी की सुबह 8 बजे से मुठभेड़ शुरू हुई, जो दिनभर रुक-रुककर चलती रही। 17 जनवरी को सुबह सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों को 12 नक्सलियों के शव बरामद हुए, जिनमें 5 महिलाएं भी शामिल हैं। सभी माओवादी नक्सलियों की सबसे मजबूत टीम बटालियन नंबर 1 से जुड़े थे।
हिड़मा और देवा भागने में कामयाब –
इस मुठभेड़ में नक्सल कमांडर हिड़मा और देवा भागने में सफल रहे। हालांकि सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के ठिकाने पर भारी नुकसान पहुंचाया है।
नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता –
यह मुठभेड़ नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। ऑपरेशन में DRG, कोबरा 205, 206, 208 और 210 बटालियन के साथ CRPF के करीब 2000 जवान शामिल थे।
सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई से नक्सलियों को भारी नुकसान हुआ है और यह क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
