CG BJP STATE PRESIDENT: Who will be the state president of BJP now?
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 5 साल बाद भाजपा सत्ता में लौटी है। कांग्रेस की हार और भाजपा की जीत के तमाम पहलुओं के बीच एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव के नेतृत्व में बहुमत हासिल की है। करीब सालभर पहले तक जो भाजपा कहीं टक्कर में भी नहीं दिख रही थी उसकी सत्ता में वापसी किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है। यही वजह है कि पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष रहे साव को डिप्टी सीएम के पद से नवाजा है। साव के सरकार में जाते ही अब संगठन के लिए नए नेतृत्व की सुगबुगाहट तेज हो गई है। तीन महीने के भीतर लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, ऐसे में पार्टी जल्द ही नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति कर सकती है। ऐसे में छत्तीसगढ़ भाजपा का अगला अध्यक्ष कौन होगा इसको लेकर चर्चा का दौर शुरू हो गया है।
भाजपा ने आदिवासी चेहरे विष्णुदेव साय को मुख्यमंत्री पद सौंपा है। साय के साथ दो डिप्टी सीएम बनाए गए हैं। इनमें साव ओबीसी वर्ग से हैं तो दूसरे डिप्टी सीएम विजय शर्मा सामान्य वर्ग (जनरल) से आते हैं। ऐसे में अब अध्यक्ष पद को लेकर भाजपा पर जातिगत समीकरण का कोई दबाव नहीं है। बावजूद इसके चर्चा इस बात की है कि एसटी को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद अब पार्टी किसी ओबीसी या जनरल को प्रदेश अध्यक्ष की की जिम्मेदारी सौंप सकती है। हालांकि पिछले कुछ समय से भाजपा का शीर्ष नेतृत्व जिस तहर से चौकाने वाले फैसले ले रहा है विशेष रुप से तीन राज्यों में मुख्यमंत्री के चुनाव में पार्टी ने जो अप्रत्याशीत फैसले लिए हैं उसके बाद कोई भी नए अध्यक्ष को लेकर किसी भी तरह का दावा करने से बच रहा है। पार्टी एसटी, ओबीसी, जनरल या एससी किसी भी वर्ग के अपने नेता को प्रदेश की कमान सौंप सकती है।
बहरहाल छत्तीसगढ़ भाजपा के नए अध्यक्ष के लिए जिन नामों की चर्चा हो रही है उनमें सबसे पहला नाम विजय बघेल का है। बघेल ओबीसी वर्ग से आते हैं। दुर्ग सांसद बघेल पाटन सीट से तत्कालीन सीएम भूपेश बघेल से विधानसभा का चुनाव हार चुके है, लेकिन इससे पार्टी में उनके कद पर कोई असर नहीं पड़ा है। दूसरा नाम सरोज पांडेय का है। सामान्य वर्ग की सरोज पांडेय राज्यसभा सांसद और उनका कार्यकाल मार्च 2024 में पूरा हो जाएगा। सरोज पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव के रुप में महाराष्ट्र की प्रभारी रह चुकी हैं। राजस्थान में मुख्यमंत्री के चुनाव के लिए पार्टी ने उन्हें पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी थी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को दावेदारों में संजय श्रीवास्तव का नाम भी शामिल है। सामान्य वर्ग से आने वाले श्रीवास्तव विधानसभा चुनाव के दौरान सरगुजा संभाग के प्रभारी थे। संभाग की सभी 14 सीटें भाजपा जीत गई। श्रीवास्तव लंबे समय से संगठन का काम संभाल रहे हैं। सामान्य वर्ग से ही शिवरतन शर्मा का भी नाम लिया जा रहा है। शर्मा भाटापारा विधानसभा सीट से चुनाव हार गए हैं। वहीं ओबीसी वर्ग से आने वाले नारायण चंदेल का नाम भी प्रदेश अध्यक्ष के लिए चर्चा में हैं। चंदेल भी विधानसभा चुनाव हार गए हैं। मस्तुरी से चुनाव हार चुके डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी का नाम भी रेस में शामिल है। बांधी एएसी वर्ग से आते हैं। हालांकि भाजपा की रणनीति को समझने वाले कह रहे हैं कि हारे हुए किसी भी नेता को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाएगी। वहीं, चुनाव जीते हुए विधायकों में से भी कुछ नाम प्रदेश अध्यक्ष के रुप में चर्चा में हैं। नारायणपुर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए केदार कश्यप और विक्रमा उसेंडी नाम शामिल है। कश्यप मंत्री पद के बड़े दावेदार हैं। उसेंडी पहले भी प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं।
जानिए… सबसे लंबे समय तक कौन रहा है प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष
प्रदेश भाजपा के मौजूदा अध्यक्ष अरुण साव 11वें प्रदेश अध्यक्ष हैं। छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा समय तक प्रदेश अध्यक्ष रहने का रिकार्ड फिलहाल विष्णुदेव साय के नाम पर है। साय तीन कार्यकाल में कुल 6 साल 2 दिन तक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं। वहीं एक बार सबसे लंबा कार्यकाल धरमलाल कौशिक का रहा है। कौशिक करीब 4 साल 204 दिन तक प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं। कौशिक के बाद राम सेवक पैकरा का कार्यकाल लंबा रहा है। पैकरा 3 साल 255 दिन प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं।
अभी तक ज्यादातर समय एसटी वर्ग के ही रहे हैं प्रदेश अध्यक्ष
छत्तीसगढ़ भाजपा के अब तक के 11 प्रदेश अध्यक्षों में एसटी वर्ग के ज्यादा हैं। राज्य बना तक ताराचंद साहू प्रदेश अध्यक्ष थे। साहू ओबीसी वर्ग से आते हैं। साहू के बाद सामान्य वर्ग से आने वाले डॉ. रमन सिंह को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी गई। इसके बाद लगातार 5 प्रदेश अध्यक्ष एसटी वर्ग से बनाए गए। इसके बाद धरमलाल कौशिक के रुप में दूसरा ओबीसी प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया।
जानिए… अब तक कौन-कौन रह चुके हैं प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष
क्रमांक नाम कार्यकाल
1
ताराचंद साहू
1 नवंबर-2000 05 अगस्त-2002
2
रमन सिंह
05 अगस्त-2002 दिसंबर 2003
3
नंद कुमार साय
दिसंबर 2003- 2005
4
शिव प्रताप सिंह
2005 अक्टूबर 2006
5
विष्णुदेव साय
31 अक्टूबर 2006 11 मई 2010
6
राम सेवक पैकरा
11 मई 2010 21 जनवरी 2014
7
विष्णुदेव साय
21 जनवरी 2014 16 अगस्त 2014
8
धरमलाल कौशिक
16 अगस्त 2014 8 मार्च 2019
9
विक्रम उसेंडी
8 मार्च 2019 2 जून 2020
10
विष्णुदेव साय
2 जून 2020 9 अगस्त 2022
11
अरुण साव
9 अगस्त 2022 वर्तमान में

