CBSE OSM CONTROVERSY: Rahul Gandhi Launches Sharp Attack on CBSE and Central Government, Demands Impartial Probe!
CBSE OSM CONTROVERSY: CBSE 12वीं की कॉपी चेकिंग के ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के कारण विवादों में घिरा हुआ है।
CBSE कक्षा 12वीं के परिणाम जारी होने के बाद से ही एजुकेशन सिस्टम और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है।
वही अब इस मुद्दे पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को आड़े लेते हुए CBSE पर भी जमकर बरसे है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा कि CBSE आधुनिक मशीनों की जगह पर उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करने के लिए मोबाईल का इस्तेमाल किया, जिससे विद्यार्थियों का परिणाम प्रभावित हुआ है।
सोशल मीडिया के माध्यम से उन्होंने सार्वजनिक रूप से जांच की मांग की है।
सांसद ने आगे कहा कि CBSE के टेन्डर 2025 के अंतर्गत उत्तर पुस्तिकाओं को स्वचालित रोबोटिक स्कैनर से स्कैन करने की शर्त थी।
सांसद राहुल गांधी ने आगे कहा कि टेंडर की शर्तों में बदलाव कर एक विशेष कंपनी को फायदा पहुंचाया गया और इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ा।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि PM मोदी के पास तरह-तरह के आमों के बारे में बोलने का भरपूर समय था लेकिन हमारे प्रधानमंत्री के पास उन 18.5 लाख बच्चों के बारे में बोलने का समय नहीं है, जिनकी उत्तर पुस्तिकाओं को फोन से स्कैन किया गया ना कि स्वचालित रोबोटिक स्कैनर से जिसके कारण बच्चों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता सांसद राहुल गांधी ने आगे कहा कि lCBSE के टेंडर में कॉपियों की बाइंडिंग सुरक्षित रखने और कम से कम 300 DPI गुणवत्ता में स्कैनिंग करने का प्रावधान भी रखा गया था।
बाद में रिज़ॉल्यूशन घटकर 200 DPI हो गया जिसका साफ और खुला मतलब है मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करना।

