CHHATTISGARH : Political battle over Rs 200 crore hospital!
विकास सामनानी, ब्यूरो चीफ, बिलासपुर
बिलासपुर. बिलासपुर का 200 करोड़ रुपये का सुपर स्पेशियलिटी और कैंसर अस्पताल अब इलाज से ज्यादा सियासत का केंद्र बन गया है। कोनी में बने इस बड़े सरकारी अस्पताल को PPP मॉडल पर चलाने की तैयारी ने कांग्रेस और बीजेपी को आमने-सामने ला दिया है।
कांग्रेस का आरोप है कि जनता के टैक्स और सरकारी पैसे से बने अस्पताल को चुपचाप निजी हाथों में सौंपने की तैयारी हो रही है। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि 10 जून और 23 जून 2026 के सरकारी पत्रों के आधार पर KPMG को कंसल्टेंट बनाकर टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
कांग्रेस का कहना है कि जब जमीन, भवन और मशीनें सब सरकारी हैं, तो संचालन निजी कंपनी को क्यों दिया जा रहा है? पार्टी ने आशंका जताई कि अगर अस्पताल PPP मॉडल में गया तो गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों के लिए इलाज महंगा हो सकता है और मुफ्त सुविधाएं प्रभावित होंगी।
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वहीं, डिप्टी सीएम अरुण साव ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह भ्रामक बताया है। उनका कहना है कि सरकार का मकसद सिर्फ इतना है कि बिलासपुर के लोगों को आधुनिक मशीनें और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधाएं यहीं मिलें, ताकि उन्हें बड़े शहरों की दौड़ न लगानी पड़े।
बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने भी कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि जिनके शासन में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल रही, वे अब जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। कुल मिलाकर, 200 करोड़ का यह अस्पताल अब स्वास्थ्य से ज्यादा बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी तापमान और बढ़ने वाला है।
