SIT formed to probe fact-checker Mohammad Zubair
डेस्क। उत्तर प्रदेश पुलिस ने मंगलवार को फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर के खिलाफ मामलों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। अब यूपी पुलिस की स्पेशल टीमें जुबैर के खिलाफ दर्ज अलग-अलग मामलों की जांच करेंगी। आईजी प्रीतिंदर सिंह की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई है। डीआईजी अमित कुमार वर्मा भी जांच टीम में शामिल हैं। जुबैर के खिलाफ यूपी के कई जिलों में मामले दर्ज हैं।
पुलिस का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सुप्रीम कोर्ट ने जुबैर की अंतरिम जमानत अगले आदेश तक बढ़ा दी है। शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में कथित रूप से धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर के खिलाफ दर्ज एक मामले में उनकी अंतरिम जमानत अगले आदेश तक बढ़ा दी है।
हालांकि, कोर्ट की राहत केवल सीतापुर मामले तक ही सीमित है। दिल्ली और लखीमपुर में दर्ज मामलों में जुबैर के खिलाफ कार्यवाही पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। इसका मतलब यह भी है कि वह अभी भी जेल में ही रहेंगे। सीतापुर मामले में, पुलिस ने जुबैर पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मई में जुबैर द्वारा किए गए एक ट्वीट का हवाला दिया जिसमें उन्होंने यति नरसिंहानंद सरस्वती, बजरंग मुनि और आनंद स्वरूप को “नफरत करने वाले” कहा था। उन्होंने हिंदू धार्मिक नेताओं पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाया था।
जुबैर के खिलाफ राज्य भर में सीतापुर, लखीमपुर, हाथरस और मुजफ्फरनगर में पुलिस मामले दर्ज हैं। दिल्ली पुलिस ने 27 जून को जुबैर को एक ट्वीट के जरिए धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस ने जुबैर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी (आपराधिक साजिश) और 201 (सबूत नष्ट करना) और विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम की धारा 35 के नए प्रावधान लागू किए हैं।
