नोटरी से जुड़े कामों को करने वाले युवा वकीलों के लिए आई बड़ी खबर, अब बदलेगा नोटरी एक्ट 1952, जानिए कैसे और किसको होगा फायदा

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नई दिल्ली : देश के युवा वकीलों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नोटरी अधिनियम 1952 को संशोधित करने का प्रस्ताव रखा है. इसका मकसद अधिक से अधिक युवा वकीलों को इस क्षेत्र में प्रवेश देना है. साथ ही इससे किसी व्यक्ति को एक निश्चित अवधि तक ही इस कार्य में रहने दिया जाएगा. बता दें कि नोटरी अधिनियम, 1952 के प्रावधानों और नियमों के तहत केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारों को यह अधिकार है कि वे निर्धारित योग्यता रखने वाले व्यक्तियों को नोटरी के रूप में नियुक्त कर सकती हैं.

फिलहाल, प्रमाणपत्र के रिन्यूअल की कोई सीमा नहीं
विधि मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी. मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि प्रस्तावित संशोधन विधेयक में सम्बद्ध सरकार की ओर से पेशागत कदाचार के मामलों में नोटरी प्रैक्टिस प्रमाण पत्र को निलंबित करने की शक्ति का विस्तार करने का भी प्रयास किया गया है. प्रस्तावित संशोधन विधेयक नोटरी द्वारा किए जा रहे संबंधित कार्यों के डिजिटीकरण से संबंधित भी है.

नोटरी अधिनियम, 1952 और नियमों के मौजूदा प्रावधानों के तहत, नोटरियों के काम करने के प्रमाणपत्र के रिन्यूअल की कोई सीमा नहीं थी. एक बार नोटरी नियुक्त हो जाने के बाद उनका नवीनीकरण असीमित बार किया जा सकता था. केंद्र सरकार और राज्य सरकारों द्वारा नियुक्त नोटरियों की संख्या तय होती है, जैसा कि नोटरी नियमावली, 1956 की अनुसूची में दिया गया है.

नोटरी सेवा की अधिकतम अवधि 15 साल निर्धारित करने का प्रस्ताव
इसके अलावा, इन नोटरियों को एक खास क्षेत्र में नियुक्त किया जाता है, जिसके तहत यह ध्यान में रखा जाता है कि उस विशेष स्थान पर नोटरियों की क्या व्यापारिक आवश्यकता और जरूरत है? ऐसा इसलिए किया जाता है, ताकि नोटरियों की भरमार न हो जाये.

मंत्रालय ने कहा, ‘‘प्रस्तावित संशोधन विधेयक में नोटरी की सेवा की अधिकतम अवधि 15 वर्ष निर्धारित करने का प्रस्ताव है, जिसमें पांच साल के शुरुआती कार्यकाल के बाद पांच-पांच साल के ही दो रिन्यूअल विस्तार शामिल होंगे.’’

काम करने का प्रमाणपत्र निलंबित करने का प्रस्ताव, बशर्ते कि कदाचार का मामला बनता हो. यह जांच सक्षम सरकार करेगी. मंत्रालय ने कहा है कि मसौदा विधेयक की प्रति विधायी-पूर्व परामर्श के लिए विधि कार्य विभाग की वेबसाइट https://legalaffairs.gov.in/ पर अपलोड किया गया है. इस पर टिप्पणियां या विचार देने की आखिरी तारीख 15 दिसंबर, 2021 तय की गई है.

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