Balodabazar Violence Case: Supreme Court seeks response from the state government!
BALODABAZAR VIOLENCE CASE: बलौदाबाजार हिंसा और आगजनी मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने का निर्देश दिया है।
SLP पर अगली सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 17 जुलाई की तिथि निर्धारित की है।
बलौदाबाजार में हुए बहुचर्चित हिंसा और आगजनी मामले में आरोपी अमित बघेल,अजय यादव और दिनेश कुमार वर्मा की छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने तीनों की जमानत याचिका को खारिज कर दी थी।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि आवेदक अमित बघेल और अजय यादव छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के पदाधिकारी हैं, उन पर सात से आठ हजार लोगों की भीड़ को भड़काने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस बल पर जानलेवा हमले का गंभीर आरोप है।
अमित बघेल के खिलाफ 17, अजय यादव के खिलाफ 13 और दिनेश कुमार वर्मा के खिलाफ एक आपराधिक मामला लंबित है।
अजय यादव ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर जमानत की गुहार लगाई है। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
हिंसा के कारण बलौदाबाजार-भाटापारा जिला और मुख्यालय में शांति व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई और लगभग 13 से 15 करोड़ रुपये की सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान हुआ।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका SLP दायर कर जमानत की मांग की है।
याचिका की सुनवाई के बाद शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने का निर्देश दिया है।
