CHHATTISGARH : Rescue centre or illegal zoo?
अंबिकापुर. अंबिकापुर के संजय वाटिका में 15 हिरणों की मौत के बाद मामला अब सिर्फ लापरवाही तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए हैं। रायपुर के नितिन सिंघवी ने वन विभाग के अफसरों पर सीधा निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
सिंघवी का कहना है कि जिसे ‘रेस्क्यू सेंटर’ बताया जा रहा है, वहां असल में टिकट बेचकर लोगों को जानवर दिखाए जा रहे हैं। अगर ये सिर्फ इलाज के लिए सेंटर है, तो फिर वहां 30 से ज्यादा हिरण और नीलगाय जैसे वन्यजीव क्यों रखे गए हैं?
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या इन केंद्रों को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की मान्यता है या नहीं। नियमों के मुताबिक, बिना अनुमति ऐसे सेंटर चलाना गलत है।
सबसे बड़ा सवाल ये है कि कार्रवाई सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर क्यों हो रही है? सिंघवी ने साफ कहा कि असली जिम्मेदारी उन बड़े अधिकारियों की है, जिनकी निगरानी में ये सब चल रहा है।
उन्होंने मांग की है कि राज्यभर में चल रहे ऐसे सभी केंद्रों की जांच हो और बंदी बनाए गए वन्यजीवों को तुरंत अभयारण्यों में छोड़ा जाए।

