पूजा खेडकर के बाद अब इस पूर्व IAS पर उठ रहे सवाल, विकलांगता दावे को लेकर आए निशाने पर

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नई दिल्ली। ट्रेनी IAS अधिकारी पूजा खेडकर के प्राइवेट गाड़ी पर लाल-नीली बत्ती लगाने और कथित फर्जी प्रमाणपत्र को लेकर हाल ही में काफी विवाद छिड़ा था। इसके चलते उन्हें पूणे से वाशिम ट्रांस्फर भी कर दिया गया। इस बीच अब एक अन्य पूर्व नौकरशाह के विकलांगता मानदंड में चयन पर सवाल उठ रहे हैं। बता दें कि आईएएस अभिषेक सिंह यूपी के जौनपुर के रहने वाले हैं और अभिनय के शौकीन हैं। अभिषेक सिंह के प‍िता कृपाशंकर सिंह उत्तर प्रदेश में आईपीएस थे। अब वह सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

अभिनेता बनने के लिए दे दिया था इस्तीफा

दरअसल, यूपी काडर के 2011 बैच के पूर्ण IAS अधिकारी अभिषेक सिंह  ने पिछले साल अभिनेता बनने के लिए इस्तीफा दे दिया था। अपने डांस और जिम वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अभिषेक आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। अभिषेक सिंह ने यूपीएससी चयन प्रक्रिया में रियायतें पाने के लिए चलने-फिरने में अक्षम होने का दावा किया था। अभिषेक सिंह द्वारा साझा किए गए वीडियो पर कई यूजर्स ने नौकरशाही चयन प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की।

यूजर्स के आरोपों के बाद अब अभिषेक सिंह ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि मुझे आरक्षण का समर्थन करने के लिए निशाना बनाया जा रहा है। अभिषेक ने आगे कहा, हालांकि, मैं किसी आलोचना से प्रभावित नहीं होता, लेकिन यह पहली बार है जब मैं अपने आलोचकों को जवाब दे रहा हूं क्योंकि मेरे समर्थकों ने मुझसे ऐसा करने के लिए कहा था। जब से मैंने आरक्षण का समर्थन करना शुरू किया है, आरक्षण विरोधियों ने मुझे निशाना बनाया है। वे मेरी जाति और मेरी नौकरी पर सवाल उठाते हैं। मैं आपको बता दूं कि मैंने कड़ी मेहनत और साहस से सब कुछ हासिल किया है, आरक्षण के जरिए नहीं। मैंने यूनाइटेड बाय ब्लड और नो-शेम मूवमेंट जैसी अपनी पहलों के जरिए बिना सरकारी मदद के सामाजिक कार्य किए हैं। मेरा मानना ​​है कि सरकारी नौकरियों में आरक्षण आबादी के हिसाब से होना चाहिए और मैं इस दिशा में काम करूंगा। अगर आपको लगता है कि आपके पास प्रतिभा है, तो सरकारी नौकरियों के लिए प्रयास करना बंद करें और व्यवसाय, खेल या अभिनय में आगे बढ़ें।

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