यहां गाना गाकर पुकारा जाता है एक-दूसरे का नाम, इस अनोखे गांव की यात्रा करके तबियत हो जाएगी खुश

Date:

- Advertisement -
RADA Auto Expo Portal

दुनिया में कई ऐसे गांव है जो अपनी अजीबोगरीब खूबियों के लिए जाने जाते हैं, जिनके बारे में जानकर हर कोई दंग रह जाता है, लेकिन क्या आपने कभी किसी ऐसे गांव के बारे में सुना है जहां बच्चे के पादा होते ही उसे सिर्फ नाम ही नहीं, एक गाना भी दिया जाता है जो उसके साथ जीवनभर के लिए जुड़ जाता है. अगर नहीं तो चलिए जानते हैं उसके बारे में…!

हम बात कर रहे हैं मेघालय में एक गांव है कॉन्गथॉन्ग के बारे में, गांव के हर व्यक्ति के नाम पर एक धुन है और लोग एक दूसरे को बुलाने के लिए उसी धुन का इस्तेमाल करते हैं. यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है. मेघालय के इस गांव में सभी को एक अनोखी सीटी की धुन से पुकारा जाता है.

इस गांव को मिल चुका है टूरिज्म विलेज का आवार्ड
शिलांग से 56 किलोमीटर की दूरी पर स्थित, कोंगथोंग गांव एक आदिवासी संस्कृति की गवाही देता है, जो ग्रामीण जीवन से जुड़ी आकर्षक सादगी को उजागर करती है. किसी व्यक्ति को बुलाने के लिए सीटी बजाने का काम गांव में गहराई से समाहित हो गया है, और माताएं अपने जन्म के बाद अपने बच्चों का नाम रखने के लिए विशेष सुर (जिंगराई लवेबी के नाम से जानी जाती हैं) बनाती हैं. ये गाने बच्चों के नाम के साथ ही जुड़ जाते हैं. लोग जीवन भर अपने नाम के साथ-साथ इन गानों से भी जाने जाते हैं. आखिरी सांस तक गाने लोगों की पहचान बन जाते हैं और गाना गाकर ही यहां लोग एक दूसरे को पुकारते हैं.

व्हिसलिंग गांव में हर निवासी का नाम एक ऐसा गीत है जिसे उनकी मां ने लोरी के रूप में उनके लिए गाया था. ये अविश्वसनीय है इसलिए एक बार घूमने जरूर जाएं, यह असाधारण प्रथा अभी भी कोंगथोंग में प्रचलित है, हालांकि आजकल के बच्चों के पास भी उचित नाम हैं. इस गांव को यूनाइटेड नेशन्स वर्ल्ड टूरिज्म ऑर्गनाइजेशन की ओर से बेस्ट टूरिज्म विलेज का पुरस्कार मिल चुका है. गांव को ये टाइटल अपनी खूबसूरती और यहां के लोगों के अच्छे व्यवहार के लिए मिला है.

आपको जानकारी के लिए बता दें कि मेघालय में इस गाने को जिंग्रवई इयॉबी (Jingrwai Iawbei) कहा जाता है जिसका अर्थ होता है दादी मां का गीत (Grandmother’s Song). गांव की रहनी वाली तीन प्रजातियों के अनुसार सदियों से नाम के साथ गाना देने की परंपरा यहां चली आ रही है. पुराने वक्त में शिकार करने के दौरान गाने वाले नामों का इस्तेमाल करने से बुरी आत्माएं दूर रहती थीं.

- Advertisement -
RADA Auto Expo Portal

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img
spot_imgspot_img

#Crime Updates

More like this
Related