CHHATTISGARH : Major change in GST, businessmen will get relief
रायपुर। जीएसटी को लेकर व्यापारियों के लिए राहत भरी खबर है। 57वीं जीएसटी परिषद की बैठक में टैक्स प्रक्रिया आसान बनाने और कारोबारियों पर कानूनी बोझ कम करने के लिए कई अहम सुधारों की सिफारिश की गई है। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने इसे व्यापार सुगमता की दिशा में बड़ा कदम बताया।
गिरफ्तारी और जुर्माने पर अहम प्रस्ताव
वित्त मंत्री चौधरी के मुताबिक, जीएसटी कानून की धारा 69 के तहत गिरफ्तारी के प्रावधान हटाने और मुकदमा चलाने की सीमा एक करोड़ से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये करने की सिफारिश की गई है। सामान्य जुर्माने की अधिकतम राशि 25 हजार से घटाकर 10 हजार रुपये करने का भी प्रस्ताव है।
इन बदलावों का उद्देश्य छोटी प्रक्रियागत गलतियों पर कारोबारियों को अनावश्यक परेशानी से बचाना है। हालांकि, ये परिषद की सिफारिशें हैं, इनके लिए जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
मालवाहकों को भी राहत
ई-वे बिल जांच के नियमों में बदलाव का प्रस्ताव है। इसके तहत मालवाहक वाहनों को रोकने के लिए ठोस सूचना और संयुक्त आयुक्त या उससे वरिष्ठ अधिकारी की अनुमति जरूरी होगी। रास्ते में पड़ने वाले राज्यों में सामान्य जांच के नाम पर वाहन रोकने पर भी रोक लगाने की सिफारिश की गई है।
रिफंड और पंजीयन होंगे आसान
जीएसटी परिषद ने इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में जमा अतिरिक्त रकम का रिफंड स्वतः जारी करने और पात्र निर्यात व उलटे शुल्क ढांचे के मामलों में 90 प्रतिशत रिफंड अस्थायी रूप से मंजूर करने की सिफारिश की है। रिफंड आवेदन की शुरुआती प्रक्रिया की समय-सीमा 15 से घटाकर 10 दिन करने का प्रस्ताव भी है।
छोटे ई-कॉमर्स विक्रेताओं के पंजीयन को आसान बनाने, इनपुट टैक्स क्रेडिट का दायरा बढ़ाने और छोटे करदाताओं को राहत देने वाले कदमों से कारोबारियों की लागत और अनुपालन का बोझ कम होने की उम्मीद है।
