MOHAN BHAGWAT STATEMENT : Bhagwat said, “Dharma, not religion! Religion liberates.”
उज्जैन। उज्जैन में युवा धर्म संसद के मंच से RSS प्रमुख मोहन भागवत ने युवाओं के सामने धर्म को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि धर्म को अक्सर रिलीजन के अर्थ में समझ लिया जाता है, जबकि दोनों अलग हैं।
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भागवत ने कहा कि रिलीजन शब्द ‘रिलीगो’ से आया है, जिसका अर्थ बांधना या अनुशासन में रखना बताया जाता है, जबकि धर्म बांधता नहीं बल्कि मुक्त करता है। उन्होंने युवाओं से कहा कि मन में धर्म और रिलीजन को लेकर बैठी इस गांठ को निकालने की जरूरत है।
उन्होंने यह भी कहा कि धर्म केवल बुढ़ापे में पढ़ने या समझने की चीज नहीं है। धर्म मनुष्य के अस्तित्व के प्रारंभ से अंत तक रहता है। भागवत ने युवाओं के साथ भाषण के बजाय संवाद करने की बात कही और धर्म को जीवन के सुख और दिशा से जोड़कर समझाया।
उज्जैन में आयोजित यह युवा धर्म संसद तीन दिवसीय कार्यक्रम है, जिसमें देश के कई राज्यों से युवा शामिल हुए हैं।
