COURT RECORDING ORDER : Supreme Court gives big break on court recording!
बिलासपुर, 8 सितंबर। सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक कार्यवाही की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर बड़ा अंतरिम आदेश दिया है। अब बिना अनुमति कोर्ट की रिकॉर्डिंग को सोशल मीडिया या किसी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड, री-पोस्ट, प्रसारित, मॉनेटाइज या स्टोर नहीं किया जा सकेगा।
तीन जजों की पीठ ने यह आदेश हर्षिता ग्रोवर की रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। पीठ में न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना शामिल थे।
अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल या संबंधित हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की पूर्व अनुमति के बिना न्यायिक कार्यवाही की रिकॉर्डिंग का डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस्तेमाल या प्रसारण नहीं किया जा सकेगा।
इस मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट समेत कई हाईकोर्ट को पक्षकार बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित हाईकोर्ट से लाइव स्ट्रीमिंग और रिकॉर्डिंग को लेकर अपनाए गए नियमों तथा उसकी व्यावहारिकता पर रिपोर्ट भी मांगी है।
हालांकि न्यूज संगठनों के लिए राहत है। आदेश का असर मान्यता प्राप्त समाचार संगठनों द्वारा न्यायिक कार्यवाही की रिपोर्टिंग पर नहीं होगा। यानी मीडिया संस्थान पहले की तरह अदालत की कार्यवाही की रिपोर्टिंग कर सकेंगे।
