CG High Court News: High Court delivers major verdict on compassionate appointment!
CG HIGH COURT NEWS: बिलासपुर में अनुकंपा नियुक्ति को लेकर हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि विधवा के पात्र और उपलब्ध होने की स्थिति में उसकी जगह कर्मचारी की बहन या अन्य कोई अनुकंपा नियुक्ति का दावा नहीं कर सकते।
याचिकाकर्ता दीपशिखा साहू के पिता शासकीय कर्मचारी थे। सेवा के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उनके बेटे और याचिकाकर्ता के भाई अभिषेक साहू को अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। अभिषेक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तिलक नगर, गुढ़ियारी में सहायक ग्रेड-3 के पद पर कार्यरत थे। 9 जुलाई 2021 को सेवा के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
अभिषेक की मृत्यु के बाद दीपशिखा और उसकी भाभी हीरा साहू, दोनों ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने 23 अक्टूबर 2021 को हीरा साहू को भृत्य के पद पर नियुक्ति देने का आदेश जारी किया।
डीईओ के आदेश को चुनौती देते हुए दीपशिखा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता ने कहा कि उसकी भाभी हीरा साहू अलग रह रही हैं और परिवार को आर्थिक सहायता नहीं दे रही हैं। इसलिए उनकी नियुक्ति निरस्त कर उसे अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।
कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता मृत शासकीय कर्मचारी की बहन है, जबकि नियुक्ति पाने वाली महिला उसकी विधवा है। नीति में बहन को अनुकंपा नियुक्ति के लिए विधवा से ऊपर कोई प्राथमिकता नहीं दी गई है। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए डीईओ के आदेश को सही ठहराया है।
