UP Bulldozer Action: Preparations to use bulldozers on Azam Khan’s Jauhar University.
UP BULLDOZER ACTION: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और अभी जेल में बंद आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर यूनिवर्सिटी पर अब बुलडोजर चलने का डर मंडरा रहा है
रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतों को अवैध बताते हुए उन्हें गिराने का आदेश जारी किया है.
प्रशासन का कहना है कि इन भवनों का निर्माण तय नियमों के तहत स्वीकृत नक्शे के बिना किया गया, इसलिए इन्हें अनधिकृत निर्माण माना गया है.
यदि तय समय में कार्रवाई नहीं की गई तो प्रशासन खुद बुलडोजर चलाकर इन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है.
अगर जौहर यूनिवर्सिटी के इतिहास की बात करें तो इसकी स्थापना 18 सितंबर 2006 को हुई थी और इसका उद्घाटन 18 सितंबर 2012 को हुआ है.
500–800 करोड़ के बीच बनी इस यूनिवर्सिटी कुलाधिपति (Chancellor) आजम खान, कुलपति (Vice Chancellor), डॉ. जहीरुद्दीनपूर्व प्रो-वाइस चांसलर (Ex-Pro Vice Chancellor) डॉ. तंजीम फातिमा, प्रो-चांसलर: अब्दुल्ला आजम खान और सचिव अदीब आजम खान हैं.
राज्य सरकार का आरोप है कि विश्वविद्यालय के लिए किसानों, सरकारी विभागों और अन्य श्रेणियों की जमीन नियमों के विपरीत विश्वविद्यालय परिसर में शामिल की गई थी.
इसी विवाद के चलते कुछ जमीनों की लीज पहले ही रद्द की जा चुकी है. इलाहाबाद हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार किया था.
प्रशासन का कहना है कि जांच के दौरान केवल मेडिकल कॉलेज और एक अकादमिक ब्लॉक के निर्माण को ही स्वीकृत पाया गया, जबकि बाकी 38 इमारतों के लिए आवश्यक मंजूरी के दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए.
दूसरी तरफ विश्वविद्यालय प्रबंधन का दावा है कि जिन भवनों का निर्माण हुआ, उस समय यह इलाका RDA के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता था, इसलिए प्राधिकरण से अनुमति लेने की जरूरत नहीं थी.
इस कार्रवाई के साथ प्रशासन ने यूनिवर्सिटी परिसर से गुजरने वाली सड़क को भी सार्वजनिक मार्ग घोषित कर दिया है. कई सालों बाद मुख्य गेट आम लोगों के लिए खोल दिया गया. लोक निर्माण विभाग ने बोर्ड लगाकर साफ कर दिया कि यह रास्ता सार्वजनिक उपयोग के लिए है.
