CG Body Donation: 95-year-old teacher sets an example even after death by donating her body!
CG BODY DONATION: बिलासपुर ने आज परोपकार और मानवता की एक ऐसी मिसाल देखी, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का आधार बनेगी। राधास्वामी सत्संग ब्यास (बिलासपुर) की अध्यक्षा और सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापिका सुश्री शरण सहगल (95 वर्ष) के निधन के पश्चात, उनके परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनकी पार्थिव देह सिम्स (CIMS) हॉस्पिटल को दान कर दी।
सहगल ने अपना संपूर्ण जीवन शिक्षा और समाज सेवा के नाम किया था। एक प्रधानाध्यापिका के रूप में उन्होंने न केवल विद्यार्थियों का भविष्य संवारा, बल्कि सेवानिवृत्ति के बाद भी वे धार्मिक व सामाजिक उत्थान के कार्यों में पूरी तरह सक्रिय रहीं। वे सदैव जन-कल्याण के कार्यों में अग्रणी रहीं। वर्ष 2022 में ‘हैंड्स ग्रुप’ के संपर्क में आने के बाद उन्होंने संकल्प लिया था कि मृत्यु के पश्चात भी उनका शरीर चिकित्सा विज्ञान की उन्नति में काम आना चाहिए।

सिम्स (CIMS) के चिकित्सकों ने इस निर्णय को अत्यंत साहसिक और मानवीय बताया। उन्होंने कहा कि देहदान से मेडिकल छात्रों को जो व्यावहारिक ज्ञान मिलता है, वह चिकित्सा शिक्षा की नींव मजबूत करता है। सुश्री सहगल का यह निर्णय चिकित्सा जगत के लिए एक अनमोल उपहार है।
इस भावुक क्षण में उनके भतीजे मोहन सिंह सहगल सहित राधास्वामी संस्था के सुरेश पमनानी, सुरजीत दुआ, मदन टेकचंदानी और हैंड्स ग्रुप के संरक्षक अभिषेक विधानी उपस्थित रहे। सभी ने सहगल के इस सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
परिजनों ने कहा, “हमें दुख है, लेकिन गर्व भी है कि शरण सहगल अपने महाप्रयाण के बाद भी चिकित्सा शिक्षा और शोध के माध्यम से समाज में जीवित रहेंगी।”
यह पहल अंगदान और देहदान के प्रति समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने और जागरूकता बढ़ाने में एक मील का पत्थर साबित होगी।
