MUMBAI WHATSAPP FRAUD: INOX executive falls victim to scam, transfers ₹11 crore!
MUMBAI WHATSAPP FRAUD: मुंबई में INOX Group के एक सीनियर अकाउंट एग्जिक्युटिव कथित तौर पर व्हाट्सऐप पर 10.40 करोड़ रुपये की ठगी का शिकार हो गए।
उन्हें लगा था कि यह मोबाइल नंबर कंपनी के एग्जिक्युटिव डायरेक्टर सिद्धार्थ जैन का है।
जब कर्मचारी ने पेमेंट के लिए इनवॉइस मांगे तो उसे एहसास हुआ कि उसे और उसके बॉस को धोखा दिया गया है।
मुंबई में इनॉक्स ग्रुप से जुड़े इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
3 जून को कंपनी के अकाउंट्स डिपार्टमेंट में डिप्टी जनरल मैनेजर गिरीश अमीन को एक अनजान नंबर से WhatsApp मैसेज मिला।
मैसेज भेजने वाले ने खुद को कंपनी का एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सिद्धार्थ जैन बताया। उसने गिरीश से कहा कि वे इस नंबर को पर्सनल नंबर के तौर पर सेव कर लें और इसे किसी के साथ शेयर न करें।
भेजने वाले ने अपनी डिस्प्ले पिक्चर में जैन की फोटो लगाई हुई थी, जिससे अमीन को लगा कि उसके बॉस ने उससे संपर्क किया है।
इसके बाद मैसेज भेजने वाले ने अमीन से कहा कि वह किसी जरूरी मीटिंग में जा रहा है और उसे फोन न किया जाए।
इसके बाद उसने बैंक अकाउंट की जानकारी दी और अमीन को कंपनी के अकाउंट से 46.5 लाख रुपये की पहली ट्रांजैक्शन करने के लिए कहा।
यह उस रकम का एक छोटा सा हिस्सा था जिसे अमीन आने वाले दिनों में ट्रांसफर करने वाला था।
इसके बाद 3 से 15 जून के बीच अमीन ने अपने ‘बॉस’ के निर्देशों का पालन करते हुए 63 ट्रांजैक्शन किए और कंपनी के अकाउंट से अलग-अलग अकाउंट्स में 10.4 करोड़ रुपये (10,40,71,924) से ज्यादा रकम ट्रांसफर की।
मंगलवार को जब अमीन ने आधिकारिक तरीकों से जैन से संपर्क किया और अकाउंटिंग के मकसद से लेन-देन से जुड़े इनवॉइस मांगे तो उनके बॉस ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई निर्देश कभी नहीं दिया था। तभी अमीन को पता चला कि उनके साथ धोखा हुआ है।
अमीन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जब मुंबई पुलिस ने जांच शुरू की तो दिल्ली पुलिस को उन बैंक अकाउंट्स के बारे में जानकारी मिली जिनमें वे पेमेंट आए थे।
दिल्ली के साउथ-ईस्ट जिले की पुलिस को IDFC FIRST बैंक की जसोला ब्रांच से एक कॉल आया, जिसमें बताया गया कि दो आदमी 8 लाख रुपये कैश निकालने आए हैं।
इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने बैंक में दो लोगों विकास और वंश को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने कमीशन के बदले धोखाधड़ी से हासिल रकम को घुमाने-फिराने के लिए अपने बैंक अकाउंट इस्तेमाल करने देने की बात कबूल की।
उन्हें इस काम के लिए क्रमशः 30,000 रुपये और 20,000 रुपये का भुगतान करने का वादा किया गया था। मामले की आगे की जांच में पुलिस दो और आरोपियों फैयाज आलम और अमित तक पहुंची।
फैयाज ने बताया कि एक और आरोपी ने फंड ट्रांसफर में मदद के लिए बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने के बदले दो प्रतिशत कमीशन देने का वादा किया था। हाल ही में शुरू किए गए ऑपरेशन साइहॉक के तहत दिल्ली पुलिस ने बैंक अधिकारियों को संदिग्ध लेन-देन की रिपोर्ट करने का निर्देश दिया था।
इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन पुलिस इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है।
उन अकाउंट्स का पता लगाने के लिए जांच चल रही है जिनमें धोखाधड़ी से हासिल पैसे ट्रांसफर किए गए थे और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस स्कीम के पीछे कोई बड़ा साइबर क्राइम गैंग काम कर रहा है।

