Preparations Underway to Implement Prepaid System in the State: Pay First, Then Use Electricity
CG News: अब बिजली का उपयोग करने से पहले उपभोक्ताओं को मोबाइल रिचार्ज की तरह अग्रिम भुगतान करना होगा। सरकार ने बिजली वितरण कंपनी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस नई व्यवस्था को प्रीपेड बिजली प्रणाली के रूप में लागू किया जा रहा है, जिससे बिजली बिल भुगतान की प्रक्रिया पूरी तरह बदल जाएगी।
लंबे समय से सरकारी विभागों पर करोड़ों रुपये का बकाया बिजली बिल कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। इसी को ध्यान में रखते हुए पहले चरण में सरकारी कनेक्शनों को प्रीपेड सिस्टम से जोड़ा जा रहा है।
राज्य में करीब 1.72 लाख सरकारी बिजली कनेक्शनों में स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक लगभग 1.5 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जबकि शेष 22 हजार मीटर लगाने का काम तेजी से जारी है।
विशेष रूप से पंचायत भवनों, आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्य सरकारी संस्थानों में मीटर लगाने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि 1 अप्रैल से इन सभी कनेक्शनों पर प्रीपेड व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी जाएगी।
प्रीपेड बिजली प्रणाली लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को उतनी ही बिजली मिलेगी, जितना उन्होंने रिचार्ज कराया होगा। बैलेंस खत्म होने पर बिजली आपूर्ति स्वतः बंद हो जाएगी, जिससे बकाया बिल की समस्या समाप्त हो जाएगी।
फिलहाल यह योजना सरकारी कनेक्शनों तक सीमित है, लेकिन आने वाले समय में इसे आम उपभोक्ताओं के लिए भी लागू किया जा सकता है।

