Women Reservation Bill :जानें क्यों आसान नहीं है मोदी सरकार के लिए संसद में महिला आरक्षण लागू करना

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Women’s Reservation Bill: Find out why it is not easy for the Modi government to implement women’s reservation in Parliament…

Women Reservation Bill :  केंद्र की मोदी सरकार ने महिला आरक्षण अधिनियम को लागू करने के लिए राज्यों के बीच मौजूदा अनुपात को बनाए रखते हुए लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने का सुझाव दिया है। सरकार की कोशिश है कि संसद में पास किए गए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में संशोधन कर इसे जनगणना और परिसीमन की शर्तों से अलग किया जाए, ताकि इसे जल्द से जल्द लागू किया जा सके।

 

लोकसभा के नियम के तहत नई जनगणना के बाद जब परिसीमन होगा, तब उसके हिसाब से सीटों की संख्या तय होगी, फिर उसका 33 फीसदी महिलाओं के लिए रिजर्व किया जाना चाहिए। जो संवैधानिक प्रावधान है, उसके हिसाब से जनगणना के बाद ही परिसीमन होना है। अब अगर सरकार चाहती है कि रिजर्वेशन लागू करना है तो उसे 2011 के जनगणना के मुताबिक ही अमल करना होगा, लेकिन इसके लिए कानून में बदलाव के साथ-साथ संविधान में संशोधन कर प्रावधान करना होगा।

 

2021 में होने वाली जनगणना कोविड के कारण नही हो पाई थी और परिसीमन पर 2026 तक रोक थी। अभी अगर 2011 के जनगणना के बेसिस पर रिजर्वेशन लागू करना है तो संविधान संशोधन भी करना होगा और कानून की शर्तों में संशोधन करना होगा, तभी जुडिशल स्क्रूटनी पर यह खरा उतर सकता है।

परिसीमन के तहत तय सीटों की भौगोलिक सीमा में परिवर्तन होता है और उसे जनसंख्या के अनुपात में घटाया-बढ़ाया जा सकता है। अनुच्छेद-82 के तहत डेमोग्राफिक चेंज होता है। साथ ही अनुच्छेद-82 यह भी प्रावधान कहता है कि जनगणना के बाद लोकसभा और राज्य विधानसभा की सीटों का दोबारा एडजस्टमेंट हो सकता है यानी सीटों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। लेकिन, इसके लिए कानूनी प्रावधान यह है कि डीलिमिटेशन ऐक्ट के तहत एक डीलिमिटेशन कमिशन का गठन होगा और वह इस कवायद को देखेगा।

संसद द्वारा बनाए गए ऐक्ट के तहत डीलिमिटेशन कमिशन का गठन होना होता है और उसमें तीन मेंबर होंगे और उसकी अगुवाई सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जस्टिस करेंगे। यह हाई पावर कमिटी होगी और उसकी सिफारिश में बदलाव भी नहीं हो सकता।

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