Chhattisgarh Housing Board Bill, 2026, Passed by Legislative Assembly; Development to Gain New Momentum
रायपुर: राज्य में आवासीय और शहरी अधोसंरचना विकास को नई दिशा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संशोधन) विधेयक 2026 को विधानसभा ने ध्वनिमत से पारित कर दिया है। इस संशोधन के जरिए गृह निर्माण मंडल को एक आधुनिक और बहुआयामी इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंसी के रूप में विकसित करने का रास्ता साफ हो गया है।
विधानसभा में चर्चा के दौरान मंत्री ने बताया कि वर्ष 1972 में गठित गृह निर्माण मंडल ने राज्य गठन के बाद से आवासीय योजनाओं और नगरीय विकास में अहम भूमिका निभाई है। पिछले दो वर्षों में मंडल ने करीब 3,050 करोड़ रुपये की लागत से 78 नई परियोजनाएं शुरू की हैं। वहीं, राज्य सरकार द्वारा 735 करोड़ रुपये का ऋण चुकाकर मंडल को ऋणमुक्त भी किया गया है।
नए संशोधन के तहत गृह निर्माण मंडल को अब केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उसे टाउन प्लानिंग स्कीम, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP), जॉइंट वेंचर, स्लम पुनर्विकास और रिडेवलपमेंट जैसी आधुनिक परियोजनाओं को लागू करने की अनुमति दी गई है। इससे शहरी विकास को अधिक व्यापक और व्यवस्थित रूप मिल सकेगा।
राज्य सरकार का लक्ष्य रायपुर, नवा रायपुर, भिलाई-दुर्ग और राजनांदगांव को जोड़कर एक एकीकृत शहरी कॉरिडोर विकसित करना है, जिसमें गृह निर्माण मंडल की अहम भूमिका होगी। वर्तमान में मंडल प्रदेश के अधिकांश जिलों में सक्रिय है और नई परियोजनाओं के माध्यम से आवासीय और बुनियादी ढांचे के विकास को गति दी जा रही है।

