PM Modi’s power diplomacy, dialogue with heads of Gulf countries
नई दिल्ली: ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग ने पूरे मध्य पूर्व (Middle East) को अस्थिरता की कगार पर खड़ा कर दिया है। इस गंभीर संकट के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कमान संभालते हुए तेज कूटनीतिक पहल (Diplomatic Offensive) शुरू की है। PM मोदी ने पिछले 48 घंटों के भीतर 8 खाड़ी देशों के शीर्ष नेताओं से फोन पर बात कर क्षेत्रीय स्थिति और शांति बहाली पर चर्चा की है
90 लाख भारतीयों की सुरक्षा सर्वोपरि
भारत की इस सक्रियता के पीछे सबसे बड़ी प्राथमिकता वहां रह रहे करीब 90 लाख भारतीयों की सुरक्षा है। खाड़ी देशों में भारतीय समुदाय की बड़ी आबादी निवास करती है, जो सीधे तौर पर इस संघर्ष की जद में आ सकते हैं। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि युद्ध की स्थिति में आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) प्रभावित न हो और प्रवासियों को सुरक्षित रखा जा सके।
वैश्विक शांति और कूटनीति
सूत्रों के अनुसार, इन वार्ताओं में PM मोदी ने तनाव कम करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया है। भारत के इस कदम को वैश्विक मंच पर एक शांतिदूत और उभरती महाशक्ति के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के सभी खाड़ी देशों और इजरायल के साथ संतुलित संबंध इस संकट को टालने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

