Chhattisgarh Assembly: BJP MLA Rajesh Munat raised the issue of dirty water in the Assembly.
छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस और भाजपा के विधायकों ने अलग-अलग विषयों पर सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए है। आज प्रश्नकाल के दौरान खारुन नदी में एसटीपी का गंदा पानी मिलने का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा।
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भाजपा विधायक राजेश मूणत ने प्रश्नकाल में खारुन नदी की स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा की खारुन नदी में एसटीपी का गंदा पानी मिल रहा है, जिसका प्रभाव सीधे तौर पर रायपुर के नागरिकों पर पड़ रहा है। विधायक मूणत ने आरोप लगाया कि यह पानी केवल आम जनता ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री, मंत्री और पूरे रायपुर वासी पीने को मजबूर हैं
विधायक मूणत का यह बयान सदन में ध्यान आकर्षित करने वाला रहा। उन्होंने संकेत दिया कि यह मुद्दा केवल पर्यावरणीय चिंता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य से भी जुड़ा हुआ है। उनके अनुसार, यदि नदी में प्रदूषित पानी लगातार मिल रहा है, तो यह स्थिति आने वाले समय में गंभीर स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकती है।
सरकार की ओर से जवाब देते हुए डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि इस विषय पर एक समिति का गठन किया गया है। उन्होंने सदन को जानकारी देते हुए कहा, कमेटी बनी है, उसकी रिपोर्ट पर आगे की कार्यवाही होगी। हालांकि, सरकार के इस जवाब से विधायक राजेश मूणत संतुष्ट नजर नहीं आए और खड़े होकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई । उन्होंने कहा कि वह स्वयं पिछले तीन महीनों से इस विषय पर लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। क्या कागजों पर कमेटी बनाने से गंदे पानी से मुक्ति मिल जाएगी?
विधायक द्वारा उठाए गए सवालों ने सदन में चर्चा का माहौल गर्म कर दिया।

