MANIKRAO KOKATE : Supreme Court issues major order in Kokate case
मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के विधायक और पूर्व मंत्री माणिकराव कोकाटे को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने बॉम्बे हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश पर रोक लगा दी है, जिससे कोकाटे की विधायकी फिलहाल सुरक्षित हो गई है।
नाताल अवकाश के दौरान भी मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के नेतृत्व में गठित विशेष पीठ ने तात्कालिक मामलों की सुनवाई की, जिसमें कोकाटे की याचिका पर भी सुनवाई हुई।
सुप्रीम कोर्ट का साफ आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि कोकाटे को विधायक के रूप में अयोग्य नहीं ठहराया जाएगा, लेकिन वे किसी भी लाभ के पद पर नियुक्त नहीं किए जा सकेंगे। अदालत ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए आगे की सुनवाई के लिए मामला स्थगित कर दिया है।
सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से हस्तक्षेप कर कोकाटे को राहत न देने की मांग की गई, लेकिन अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया निचली अदालत के फैसले में मूलभूत त्रुटि नजर आती है। सभी पहलुओं पर विस्तृत सुनवाई में कानूनी विचार किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला
मामला नाशिक का है, जहां आरोप है कि करीब 30 वर्ष पहले माणिकराव कोकाटे ने कम आय दर्शाकर अल्प आय वर्ग (LIG) कोटे से सदनिका प्राप्त की थी। कोकाटे समेत चार लोगों ने कनाडा कॉर्नर क्षेत्र के व्यू अपार्टमेंट में मुख्यमंत्री कोटे से ये फ्लैट हासिल किए थे।
इस प्रकरण में फरवरी 2025 में नाशिक जिला न्यायालय ने कोकाटे को दोषी ठहराया था। सत्र न्यायालय ने भी सजा को बरकरार रखा, जिसके बाद कोकाटे ने हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। अब सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा पर अंतरिम रोक लगा दी है।

