Raipur News: रायपुर: जिला मुख्यालय में आज आयोजित कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में आत्मसमर्पित माओवादियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने आत्मसमर्पित माओवादियों के पुनर्वास, कौशल विकास तथा रोजगार सृजन के उपायों पर विचार-विमर्श किया।
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में आत्मसमर्पित माओवादियों को कौशल विकास प्रशिक्षण के माध्यम से विभिन्न रोजगारपरक कार्यों से जोड़ा जा रहा है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण प्राप्त माओवादी युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ने के ठोस प्रयास किए जाएं। इसके साथ ही, उनके पुनर्वास हेतु बैंक लोन, सरकारी योजनाओं और सामाजिक सहयोग का लाभ सुनिश्चित किया जाए।
एसपी ने कहा कि आत्मसमर्पित माओवादियों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्हें भरोसे में लेना जरूरी है। प्रशासन और पुलिस का उद्देश्य है कि जो लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर लौट रहे हैं, उन्हें एक नई शुरुआत का अवसर मिले।
बैठक में यह भी तय किया गया कि जिला प्रशासन नियमित रूप से ऐसे लाभार्थियों की प्रगति रिपोर्ट तैयार करेगा और उनके पुनर्वास कार्यक्रम की निगरानी करेगा।
> मुख्य बिंदु:
आत्मसमर्पित माओवादियों के पुनर्वास पर फोकस
कौशल विकास प्रशिक्षण जारी
स्थानीय स्तर पर रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने की पहल
पुनर्वास योजनाओं की सतत समीक्षा और निगरानी
चर्चा का निष्कर्ष यह रहा कि समाज की मुख्यधारा में लौटे इन युवाओं को सम्मान और अवसर देकर ही स्थायी शांति और विकास की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकते हैं।

