रायपुर: राज्य में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और जनसुरक्षा को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से आज आयोजित कलेक्टर-एसपी कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कई अहम विषयों पर विस्तृत समीक्षा की। बैठक में साइबर क्राइम, नशीली दवाओं के व्यापार, और सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष चर्चा हुई।
🔹 साइबर क्राइम पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराध तेजी से बदलते स्वरूप में सामने आ रहे हैं, इसलिए जनता को इनसे बचाव के उपायों की जानकारी देना जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि अंतर्विभागीय समन्वय के साथ लगातार साइबर जागरूकता अभियान चलाया जाए।
राज्य में वर्तमान में 5 साइबर थाने संचालित हैं, जबकि 9 नए साइबर थाने शीघ्र शुरू किए जाएंगे। साथ ही, साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर बल दिया गया।
🔹 नशीली दवाओं और मादक पदार्थों पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के व्यापार पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि “नशाखोरी अन्य अपराधों को बढ़ावा देती है, इसलिए इस पर नियंत्रण आवश्यक है।”
मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासन को निर्देशित किया कि अंतरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाए और पिटएनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों में समयसीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
साथ ही, नशाखोरी के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाने और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक करने के निर्देश भी दिए।
🔹 सड़क सुरक्षा पर सख्त निर्देश
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि हेलमेट, सीट बेल्ट न पहनने और नशे में वाहन चलाने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए ताकि कानून का भय बना रहे।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों को ब्लैक स्पॉट चिन्हांकित कर दुर्घटनाओं के कारणों को दूर करने के निर्देश दिए, जिससे सड़क हादसों में कमी लाई जा सके।
बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि “कानून व्यवस्था, जनसुरक्षा और समाज में जागरूकता — यही सुशासन की नींव है।”

