COLDRIF COUGH SYRUP : The syrup of death is banned! CM takes strict action in response to the Chhindwara tragedy…
भोपाल, 4 अक्टूबर 2025। छिंदवाड़ा में 9 बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने Coldrif कफ सिरप की बिक्री पर पूरे प्रदेश में प्रतिबंध (बैन) लगाने की घोषणा की है। साथ ही सिरप बनाने वाली कंपनी के अन्य उत्पादों पर भी रोक लगा दी गई है।
मुख्यमंत्री यादव ने ‘X’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “छिंदवाड़ा में Coldrif सिरप के कारण हुई बच्चों की मृत्यु अत्यंत दुखद है। इस सिरप की बिक्री पूरे मध्यप्रदेश में बैन कर दी गई है। सिरप बनाने वाली कंपनी के अन्य उत्पादों की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगाया जा रहा है। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
कांचीपुरम फैक्ट्री पर भी जांच की गाज
सिरप बनाने वाली फैक्ट्री कांचीपुरम (तमिलनाडु) में स्थित है। मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने तमिलनाडु सरकार से जांच कराने का अनुरोध किया था। जांच रिपोर्ट आने के बाद कड़ा एक्शन लिया गया है।
राज्यस्तरीय जांच टीम गठित
छिंदवाड़ा प्रशासन पहले ही Coldrif और Nextro-DS सिरप पर जिला-स्तरीय बैन लगा चुका था। अब राज्य सरकार ने विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है, जो सिरप के वितरण नेटवर्क, आपूर्ति श्रृंखला और चिकित्सकों की भूमिका की गहन जांच करेगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच चुकी है। ये टीमें सैंपल जांच और गुणवत्ता परीक्षण में सहयोग कर रही हैं।
कैसे हुआ हादसा
छिंदवाड़ा के परासिया क्षेत्र में वायरल फीवर से पीड़ित बच्चों को स्थानीय डॉक्टरों ने Coldrif सिरप लेने की सलाह दी थी। लेकिन दवा पीने के कुछ घंटों बाद ही बच्चों की हालत बिगड़ने लगी। कई को छिंदवाड़ा और नागपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, परंतु नौ मासूमों को बचाया नहीं जा सका।
मृतकों में शिवम, विधि, अदनान, उसैद, ऋषिका, हेतांश, विकास, चंचलेश और संध्या शामिल हैं। परिजनों का आरोप है कि सर्दी-खांसी की सामान्य दवा ने उनके बच्चों की जान ले ली।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की चेतावनी
राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को कोई भी दवा डॉक्टर की सलाह के बिना न दें। विभाग ने जिला स्तर पर 1,400 से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग शुरू की है ताकि संभावित रूप से प्रभावित बच्चों की पहचान की जा सके।
जनता में आक्रोश, जांच की मांग तेज
इस त्रासदी ने प्रदेशभर में जन आक्रोश फैला दिया है। लोगों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और फार्मा कंपनी की लाइसेंस रद्द करने की मांग की है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी जिम्मेदार को छोड़ा नहीं जाएगा।

