कांवड़ शिव महा पुराण कथा का पहला दिन, भक्तों का उमड़ा जनसैलाब
तिल्दा-नेवरा। छत्तीसगढ़ धान का कटोरा के नाम से जाना जाता है, छत्तीसगढ़ की पवित्र भूमि का चावल पूरे विश्व के शिवालयों में एक-एक दाने के रूप में चढ़ता है। छत्तीसगढ़ के रहने वालों का दिल काफी साफ होता है, यहां के निवासियों की पवित्रता इनके हृदय की निर्मलता सहजता की गारंटी है और इसीलिए कहा जाता है कि छत्तीसगढिय़ा सबले बढिय़ा और सच में यह कहावत गलत नहीं है,, यहां के लोगों की भक्ति इतनी प्रबल होती है और इनमें विश्वास और इतनी दृढ़ता होती है कि इनकी भक्ति को देखकर कई लोग टेंशन में आ जाते हैं। उक्त बातें मंगलवार को तिल्दा हाई स्कूल दशहरा मैदान में कांवड़ शिव महापुराण कथा का शुभारभ करते हुए कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कही।

पहले ही दिन भक्तों की भीड़ देखकर गदगद हुए प्रदीप मिश्रा ने कहा कि भगवान शिव की अनुपम कृपा शहर एवं क्षेत्रवासियों पर है, क्षेत्रवासियों को तो इतना अधिक प्रसन्नता का भाव होना चाहिए कि सावन के अधिक मास में शिव महापुराण कथा के आयोजन से छत्तीसगढ़ का भाग्य बना दिया है। महाराज ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोग काफी पवित्र और निर्मल होते हैं उन्होंने कथा में बैठे श्रोताओं से कहा दिखावे से गरीब हो जाओगे चल जाएगा,परिवार से गरीब रहोगे चल जाएगा, पर शिव महापुराण कथा कहती है कि कभी दिल से गरीब मत होना। कुछ नहीं होने के बाद भी आप कभी दूसरे का धन लूट लू और उसे लूटकर अपना घर बना लू, कभी यह मन में विचार भी मत करना.और यह विचार भी मत करना कि दूसरे का धन हमें मिले।विचार यह करना है कि मेरे विश्वनाथ, मेरे बाबा,मेरे भोलेनाथ, मेरे महाकाल राजा. मेरे कुबेर भंडारी मुझे धन ऐसा देना कि दुनिया के लोगों को मैं दे सकूं, मुझे धन ऐसा देना की लोगों को धन दे दूं लेकिन दूसरे के दरवाजे पर मैं कभी हाथ ना फैलाउं, ऐसी कृपा करना। मैं दुनिया के लोगों को दूंगा अच्छा लगेगा,लेकिन मैं दुनिया वालों के सामने हाथ फैला हूं यह अच्छी बात नहीं, तुम ही ना तारोंगे तो कौन तारेगा, तेरे सिवा है कौन मेरा महाकाल.. हाथ तुम नही थामोगे मुझे तो. कौन मेरा हाथ थामेगा।

नेताओं पर कटाक्ष करते हुए पंडित मिश्रा ने कहा कि जब भी कोई नेता आता है उनके कार्यकर्ता उनका नाम लेकर कहते हैं भैया जी संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं, अगर वह साथ होते तो संघर्ष की जरूरत ही नहीं पड़ती, व्यक्ति संघर्ष के लिए सामने तब आता है जब अपने लोग साथ छोड़ देते हैं लेकिन प्रभु शिव को दिल से याद करेंगे एक लोटा जल और बिल पत्र चढ़ाएंगे तो वे कभी भी हमारे हाथ को नहीं छोड़ेंगे। एक लोटा जलऔर बेलपत्र चढ़ाते ही बाबा हाथ पकड़ लेता है। आप अपने मन की बात जब दिल से बोलना परमात्मा से प्रारंभ करेंगे तो प्रभु निश्चित रूप से आपके पास साथ दिखाई देंगे,वो आपका हाथ कभी नहीं छोड़ेंगे, तुम्हें किसी बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है,सभी कार्य उस भगवान पर छोड़ दें। एक मां ने शिव के नाम पत्र लिखा कि मेरे -बेटे बेटी की शादी नहीं हो रही है,पत्र में उसने यह भी लिखा कि बृहस्पति का व्रत भी रख चुकी है लेकिन बेटे-बेटी कि शादी नहीं हुई, आप सीधे शिव से कहें बेटी तुम्हारी है बाबा बेटा तुम्हारा है अब तुम संभालो उसके बाद उनके बेटे और बेटियों का रिश्ता तय हुआ और शादी हो गई। उसी तरह सभी भगवान शिव पर छोड़ दें जब विश्वास और श्रद्धा प्रबल होते हैं तो भगवान भी सामने आते हैं शिव क्या नहीं कर सकते उन पर भरोसा रखें।
उन्होंने श्रोताओं से कहा कि 7 दिन तक कांवड़ शिव महापुराण की कथा चलेगी कम से कम एक दिन कथा सुनने के लिए पंडाल में जरूर पहुंचे। एक दिन भी पुराना हो तो एक क्षण के लिए कथा का श्रवण करने पहुंचे, निश्चित रूप से उसका फल मिलेगा।
