विपक्ष ने खेलो इंडिया और छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की जानकारी मांगी, मंत्री को घेरा

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रायपुर। विधानसभा में शुक्रवार को विपक्ष ने खेलो इंडिया और छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के आयोजन का मुद्दा उठाया. खेल मंत्री से सदस्यों ने पूछा कि टीम का सलेक्शन कैसे हुआ? जो खेल खिलाए गये, क्या उन्हें छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ ने मान्यता दी थी? इस पर खेल मंत्री की ओर से दिए गए जवाब को विपक्ष ने विरोधाभाषी बताया. बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने खेलो इंडिया और छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का मुद्दा उठाते हुए खेल मंत्री ने सवाल किया. मंत्री उमेश पटेल ने बताया कि पहले पंचायत, फिर ब्लॉक और ज़ोन और आख़िर में राज्य स्तर पर इसका आयोजन किया गया था. छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में 26 लाख 4 हज़ार से ज्यादा लोगों ने इसमें हिस्सा लिया.

खाद्य मंत्री अमरजीत भगत की बीच में टोकने पर विपक्ष भड़का. अजय चंद्राकर ने कहा कि प्रश्नकाल में भी ऐसी स्थिति बनेगी कि प्रश्न ही ना पूछने दिया जाये तो सदन कैसे चलेगा. सत्तापक्ष ही सवाल पूछ ले. चंद्राकर ने पूछा कि हम सुर या पिट्ठूल खेलते हैं तो इसकी टीम का सलेक्शन कैसे हुआ? क्या इसे ओलंपिक संघ से मान्यता दी गई है? खेल मंत्री उमेश पटेल ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ के लोगों ने हिस्सा लिया. हमने जितने खेलों को शामिल किया था, सबसे पहले पंचायत स्तर पर खिलवाया. कबड्डी, खो-खो और फुगड़ी को मान्यता दी गई है.

अजय चंद्राकर ने पूछा कि छत्तीसगढ़ खेलों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं? क्या ऐसे खेलों के खिलाड़ियों को नौकरी दी जाएगी? उमेश पटेल ने कहा कि ओलंपिक संघ छत्तीसगढ़ खेलों को संबद्धता दे सकती है, लेकिन मान्यता नहीं दे सकती. मैंने केंद्रीय मंत्री को चिट्ठी लिखकर छत्तीसगढ़ियाँ खेलों पर छत्तीसगढ़ियाँ ओलंपिक का आयोजन किए जाने की जानकारी दी है. मैंने माँग की है कि विलुप्त जो रहे खेलों को मान्यता देकर संरक्षण प्रदान किया जाये. बीजेपी विधायक शिवरतन शर्मा ने पूछा कि सरकारी नौकरी में आरक्षण दिए जाने पर जवाब दिया गया है कि मान्यता का प्रश्न उपस्थित नहीं होता. दूसरी तरफ़ केंद्र को लिखे पत्र में मान्यता की माँग की गई है. ये विरोधाभाष कैसे है?

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