ज़िले के पुलिस कप्तान जे॰आर॰ ठाकुर युवाओं के लिए मिसाल बने हुए है सुबह पाँच बजे से मोर्निंग वाक् से ले कर व्यायाम शाला में इन्हें देखा जा सकता है कप्तान महोदय दिन भर आम लोगों की सेवा में जहां जूटें रहते है उनके चुस्ती दुरुस्ती का राज उनका संयमित भोजन और नियमित व्यायाम इनकी दिनचर्या का हिस्सा है,
जिससे इन पर दिन भर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होते रहता है सुबह दो घंटे जिम में नियमित कड़ी मेहनत करते है, ज़िले के एस॰पी॰ की सोच भी रंग ला रही इनके द्वारा चलाए जा रही ज़मीनी स्तर पर कई योजनाओं के कारण ज़िले में शांति का माहौल है? इनकी पहली योजना खोया पाया के तहत 17 साल बाद दो बिछड़े भाइयों को मिलाया इस अभियान और विषय पर उनकी तारीफ़ पूरे प्रदेश स्तर पर हुई साथ ही परिवार जनो ने पुलिस कप्तान से मिलकर उन्हें कृतज्ञता ज्ञापित किया साथ ही अनेक ऐसे बिछड़े परिवार जिनके रिश्तेदार खोए हुए है उनको एक बार फिर अपनो से मिलने की आस जगी है ,
पुलिस कप्तान के कुशल नेतृव में अब ज़िले में पुलिसिंग में एक ग़ज़ब का उत्साह नज़र आ रहा है टाइट वर्दी के साथ पुलिस वाले अपनी स्व्छ्ता और सुंदरता का ध्यान रखते है और पुलिस कप्तान स्वयं इस बात की जानकारी लगतार लेते रहते है ,वही पुलिस कप्तान द्वारा आम लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए और पुलिस और पब्लिक के बीच बेहतर समंजस बैठाने के लिए प्रत्येक बुधवार को आम लोगों से मेल मुलाक़ात करते है वा अपने समक्ष शिकायतों का निपटारा करने की इनकी छमता के चलते आवेदनो में लगतार कमी देखी जा रही है सरल हृदय सरल स्वभाव के व्यक्ति जे॰आर॰ ठाकुर की पुलिसिंग सुधार की चर्चा राजधानी में भी होने लगी है,
