उपेन्द्र निलंबितः भू-अभिलेखों में हेराफेरी का मामला

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जगदलपुर राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी के कारण भानपुरी में पदस्थ पटवारी उपेंद्र बघेल को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की यह कार्रवाई बस्तर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ओमप्रकाश वर्मा द्वारा की गई है। उपेन्द्र बघेल के खिलाफ यह कार्यवाही तोकापाल तहसील के विभिन्न पटवारी हल्कों में पदस्थापना के दौरान शासकीय और निजी भूमि में की गई हेराफेरी के कारण की गई है।
निलंबन आदेश में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि पटवारी उपेन्द्र ने पटवारी हल्का नंबर 15 मावलीभाटा स्थित खसरा नंबर 154 रकबा 3.28 हेक्टेयर पहाड़ चट्टान मद की भूमि को आसमन पिता आयतु जाति माड़िया के नाम पर दर्ज कर दिया था।
पटवारी हल्का नंबर 15 मावलीगुड़ा के ग्राम गुर्रम स्थित भूमि जिसका खसरा नंबर 223 224, 225, रकबा कमशः 0.42, 2.19, 0.99 हेक्टेयर की शासकीय भूमि छोटे झाड़ के जंगल मद में दर्ज भूमि को कमशः कमल नाग पिता मोती नाग जाति माहरा, रमेश पिता धनेश्वर, जाति ब्राम्हण एवं बली नागवंशी के नाम पर भूमि स्वामी हक में दर्ज कर शासकीय भूमि का हेरा-फेरी करते हुए भूईया में अंकित कर दिया गया है। इसके साथ ही न्यायालय तहसीलदार, तोकापाल में विचाराधीन राजस्व प्रकरण क्रमांक 2028150900016 / अ-6 / 2019-2020 में आवेदक सूर्यप्रताप सिंह विरूद्व जोगा पिता देव निवासी ग्राम गुर्राम स्थित भूमि खसरा नंबर 222 / 1 को उपेन्द्र बघेल द्वारा खसरा नंबर 222 / 1ख रकबा 2.00 हेक्टेयर भूमि में सूर्यप्रतापसिंह पिता भगवान दीन सिंह का नाम दर्ज कर दिया गया है । अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तोकापाल से प्राप्त लिखित प्रतिवेदन (नस्ती में) अनुशंसा अनुरूप, निजी खाते की भूमि (प्रकरण जो न्यायालय तहसीलदार, तोकापाल में विचाराधीन) एवं शासकीय मद की भूमि के अभिलेख में किसी अधिकारी के संज्ञान में लाये बिना, स्वेच्छा पूर्वक निजी स्वार्थ पूर्ति हेतु अभिलेख में हेरा-फेरी की पुष्टि होने के कारण उपेन्द्र बघेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है । निलंबन अवधि में उपेन्द्र बघेल को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता का भुगतान किया जाएगा तथा उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय बस्तर निर्धारित किया गया है ।

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