रायपुर. वित्त विभाग ने मुख्यमंत्री की घोषणा के 24 घंटे के भीतर सोमवार को प्रदेश के अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए 5 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ते का आदेश जारी कर दिया है। इससे प्रदेश के 4 लाख से अधिक शासकीय कर्मचारियों और लगभग एक लाख पेंशनर्स को लाभ होगा। राज्य सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों में नाराजगी देखी जा रही है। अब वे बड़ा आंदोलन करने की रणनीति बना रहे हैं। दरअसल, केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को 34 फीसदी महंगाई भत्ता दे रहा है। जबकि राज्य सरकार के इस आदेश के बाद प्रदेश के कर्मचारियों को 22 फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा। कर्मचारियों का कहना है कि वे केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तरह ही काम करते हैं, तो उनका भत्ता कम क्यों हैं?
सरकार के इस फैसले के बाद कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने सोमवार को एक अहम बैठक की। इसमें वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश को लेकर भी नाराजगी जताई गई। फेडरेशन के मुख्य प्रवक्ता विजय झा ने बताया कि वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश में कई प्रकार की खामियां है। उन्होंने बताया कि बैठक में फेडरेशन के पदाधिकारियों ने बड़ा आंदोलन करने का मन बना लिया है। फिलहाल मुख्यमंत्री 4 मई से विधानसभावार दौरे पर जाएंगे। इस दौरान फेडरेशन का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंपा। कुछ दिनों तक रूक कर सरकार के फैसले का इंतजार किया जाएगा। इसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।
ऐसे मिलेगा भत्ता
राज्य के शासकीय सेवकों को एक मई 2022 से सातवां वेतनमान के महंगाई भत्ते में 5 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 22 प्रतिशत की दर से और छठवें वेतनमान में 10 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 174 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जाएगा। राज्य शासन द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि बढ़े हुए महंगाई भत्ते की राशि एक मई 2022 से नगद भुगतान किया जाएगा। महंगाई भत्ते की गणना मूल वेतन के आधार पर की जाएगी। इसमें विशेष वेतन, व्यक्तिगत वेतन शामिल नहीं होगा। महंगाई भत्ते का कोई भी भाग मूल नियम 9 (21) के अंतर्गत वेतन नहीं माना जाएगा। यह आदेश यूजीसी, एआईसीटीई, कार्यभारित तथा आकस्मिकता से वेतन पाने वाले कर्मचारी की सेवा के सदस्यों पर भी लागू होगा।
सरकार के इस फैसले के बाद कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने सोमवार को एक अहम बैठक की। इसमें वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश को लेकर भी नाराजगी जताई गई। फेडरेशन के मुख्य प्रवक्ता विजय झा ने बताया कि वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश में कई प्रकार की खामियां है। उन्होंने बताया कि बैठक में फेडरेशन के पदाधिकारियों ने बड़ा आंदोलन करने का मन बना लिया है। फिलहाल मुख्यमंत्री 4 मई से विधानसभावार दौरे पर जाएंगे। इस दौरान फेडरेशन का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंपा। कुछ दिनों तक रूक कर सरकार के फैसले का इंतजार किया जाएगा। इसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।
ऐसे मिलेगा भत्ता
राज्य के शासकीय सेवकों को एक मई 2022 से सातवां वेतनमान के महंगाई भत्ते में 5 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 22 प्रतिशत की दर से और छठवें वेतनमान में 10 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 174 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जाएगा। राज्य शासन द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि बढ़े हुए महंगाई भत्ते की राशि एक मई 2022 से नगद भुगतान किया जाएगा। महंगाई भत्ते की गणना मूल वेतन के आधार पर की जाएगी। इसमें विशेष वेतन, व्यक्तिगत वेतन शामिल नहीं होगा। महंगाई भत्ते का कोई भी भाग मूल नियम 9 (21) के अंतर्गत वेतन नहीं माना जाएगा। यह आदेश यूजीसी, एआईसीटीई, कार्यभारित तथा आकस्मिकता से वेतन पाने वाले कर्मचारी की सेवा के सदस्यों पर भी लागू होगा।


