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बिजली संकट पर बड़ा खुलासा:21 राज्यों, केंद्र के 13 पाॅवर प्लांट ने कोल इंडिया को नहीं दिए 11 हजार करोड़ रुपए

एक तरफ देशभर में कोयले की कमी के कारण बिजली संकट को लेकर कोल इंडिया के सप्लाई सिस्टम पर सवाल उठाए जा रहे हैं, तो दूसरी ओर भास्कर की पड़ताल में बड़ा खुलासा हुआ है कि तकरीबन 21 राज्यों की बिजली कंपनियों और केंद्र सरकार के 13 पाॅवर प्लांटों ने कोल इंडिया को किया जाने वाला भुगतान ही रोक रखा है।

इन कंपनियों और प्लांट्स पर कोल इंडिया के 11,240 करोड़ रुपए बकाया हैं और कंपनी कोयले का यह पेमेंट वसूल नहीं कर पा रही है। इसमें एक बड़ी बात यह भी आ रही है कि एक तरफ सरकारी एजेंसियों में कोल इंडिया के अरबों रुपए फंस गए हैं, लेकिन वह निजी कंपनियों से एडवांस में रकम देने के बाद ही कोयला सप्लाई कर रही है।

देश के कई राज्य इस समय गहरे बिजली संकट में हैं। वहां 10 से 14 घंटे तक बिजली की कटौती की जा रही है। राज्यों का आरोप है कि कहना है कि केंद्र सरकार पॉवर प्लांट्स को पर्याप्त कोयला उपलब्ध नहीं करा पा रही है। इस मुद्दे पर भास्कर ने पड़ताल की, तो अलग ही सच सामने आया।

दरअसल, कोल इंडिया को राज्यों की बिजली कंपनियों और केंद्र के पॉवर प्लांट्स से 11240 करोड़ रुपए लेने हैं। तकरीबन हर राज्य की बिजली कंपनी कोल इंडिया की देनदार है। इसी तरह केंद्र सरकार के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र के पॉवर प्लांट्स भी कोल इंडिया का बकाया नहीं चुका पा रहे हैं।

21 राज्यों पर 8073 करोड़ बाकी
21 राज्यों की बिजली कंपनियों से कोल इंडिया को कुल 8073.76 करोड़ रुपए लेने हैं। इसमें से 468.98 करोड़ रुपए की वसूली पर विवाद की स्थिति है। इसे छोड़ भी दिया जाए तो राज्यों पर कोल इंडिया का अविवादित 7604.78 करोड़ रुपए का बकाया है।

  • 468.98 करोड़ रुपए की वसूली को लेकर विवाद

केंद्र के प्लांट्स भी बड़े देनदार
केंद्र सरकार के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र की 13 कंपनियों पर कोल इंडिया के 4866.39 करोड़ रुपए बकाया हैं। इसमें से 1261.79 करोड़ के भुगतान को लेकर विवाद है। इसे छोड़ दें तो अविवादित 3604.39 करोड़ की देनदारी केंद्र के अधीन कंपनियों पर है।

  • 4866.39 करोड़ रुपए केंद्रीय कंपनियों का बकाया

एनटीपीसी-डीवीसी पर बकाया
कोल इंडिया के बकायादारों की बात करें तो केंद्र सरकार के अधीन एनटीपीसी पर सबसे अधिक 3108.71 करोड़ रुपए बकाया है। दूसरे नंबर पर डीवीसी यानी दामोदर वैली कॉर्पोरेशन पर 1124.25 करोड़ रुपए बकाया है।

  • 3108.71 करोड़ NTPC पर सबसे ज्यादा राशि बाकी

रेलवे पिछड़ा: कोल इंडिया को रोज 336 रैक चाहिए, 281 मिलीं

कोल इंडिया के पास 28 अप्रैल 2022 की स्थिति में 56.66 मिलियन टन कोयले का स्टॉक है। 2021 में इसी तारीख में 87.80 मिलियन टन का स्टॉक था। कोल इंडिया पर्याप्त स्टॉक होने के बाद भी रैक की कमी की वजह से सप्लाई नहीं कर पा रहा है। कोल इंडिया को कोयले की सप्लाई के लिए हर दिन 336 रैक चाहिए, लेकिन रेलवे सिर्फ 281 रैक ही मुहैया करा पा रहा है।

यानी हर दिन 55 रैक कम मिल रहे हैं। इधर, कोयला संकट के बीच प्रोडक्शन, डिस्पैच और रैक की उपलब्धता को लेकर कोल इंडिया के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल शनिवार को बिलासपुर में थे। उन्होंने यहां एसईसीएल सीएमडी व अफसरों की मीटिंग ली।

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