नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत 29 नवंबर से होकर 23 दिसंबर तक चलने की सम्भावना है. इस बार संसद के सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं. 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले 1 महीने तक चलने वाले शीतकालीन सत्र के माध्यम से विपक्ष कई मुद्दों पर देश का ध्यान खींचने की कोशिश करेगा. ऐसे में पक्ष और विपक्ष के बीच सदन में जोरदार बहस देखने को मिल सकती है.
बता दें कि इससे पहले यानी साल 2020 में कोरोना महामारी के कारण संसद का शीतकालीन सत्र स्थगित कर दिया गया था. हालांकि, इस बार सत्र के होने की पूरी संभावना जताई गई है. इस बार शीतकालीन सत्र में लगभग 20 बैठकें होने की संभावना है. हालांकि, इस दौरान कोरोना के मानदंडों का पालन करना अनिवार्य रहेगा. आइए उन मुद्दों पर नजर डालते हैं जिन्हें विपक्ष इस सत्र में उठा सकता है…
