UP Election 2022: बेटे को नहीं मिला टिकट तो 6 बार के विधायक को लगा ऐसा सदमा कि हो गया निधन

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लखनऊ। यूपी विधानसभा के 6 बार विधायक और सपा सरकार में मंत्री रहे राजा राजीव कुमार सिंह का निधन हो गया है। वो अपने बेटे के लिए टिकट मांग रहे थे। बताया जा रहा है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राजा राजीव कुमार सिंह के बेटे रितेश सिंह को टिकट नहीं दिया। इससे वो सदमे में आ गए थे। दो दिन पहले तबीयत बिगड़ने पर लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में उनको भर्ती कराया गया था। जहां आज उनका निधन हो गया। बाराबंकी जिले के दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र में सपा नेता राजा राजीव कुमार की तूती बोलती थी। वो इसी सीट से बेटे के लिए टिकट मांग रहे थे। राजा के समर्थकों के मुताबिक बेटे के टिकट को मंजूरी न मिलने के बाद राजा राजीव कुमार सिंह ने अपने हड़हा स्थित आवास पर सैकड़ों समर्थकों के साथ बैठक कर सपा नेतृत्व के प्रति नाराजगी भी जताई थी। उनके निधन के बाद समर्थकों में शोक की लहर है।

अरविद कुमार सिंह गोप को दरियाबाद से सपा प्रत्याशी बनाए जाने पर पूर्व मंत्री राजीव कुमार सिंह ने विरोध प्रकट किया था। उन्होंने सपा नेतृत्व को अपने निर्णय पर विचार करने कि लिए दो दिन का समय दिया था। पत्रकारों से राजा ने कहा था कि दो दिन के अंदर कोई सार्थक निर्णय नेतृत्व की ओर से नहीं लिए जाने पर हम अपने हिसाब से फैसला करेंगे। उन्होंने कहा था कि 32 साल से वह दरियाबाद क्षेत्र की जनता की सेवा कर रहे हैं। बाद में उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और उनको अस्पताल में दाखिल कराना पड़ा था।

akhilesh yadav

बता दें कि बाराबंकी की दरियाबाद विधानसभा वीआईपी सीट है। इस सीट पर हड़हा स्टेट के राजा राजीव कुमार सिंह 6 बार विधायक हुए। 1980 में इस विधानसभा सीट पर कृष्ण मंगल सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की थी। फिर 1985 में राजा राजीव कुमार सिंह ने निर्दलीय के तौर पर सीट जीती। राजा ने इसके बाद 1989 में यहां कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की। फिर 1991 और 1993 के चुनाव में राजीव कुमार सिंह को हार का सामना करना पड़ा। यहां दोनों बार जनता पार्टी के राधेश्याम ने उनको हराया था।

साल 1996 में राजीव कुमार सिंह ने बीजेपी का दामन थाम लिया और जीत दर्ज की। 2002 में भी वो बीजेपी से विधायक चुने गए थे। इसके बाद 2007 में उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। 2012 में भी उन्होंने सपा के टिकट पर ही चुनाव जीता। पिछली बार यानी 2017 में मोदी लहर के दौरान बीजेपी के युवा उम्मीदवार सतीश चंद शर्मा ने उन्हें हरा दिया था।

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