प्रदेश में आज भी अंधड़-बारिश की संभावना… दक्षिण-पश्चिमी मानसून अब केरल तट से सिर्फ 100 किमी दूर है और 31 तारीख या उससे पहले भी दस्तक दे सकता है…

Date:

दक्षिण-पश्चिमी मानसून अब केरल तट से सिर्फ 100 किमी दूर है और 31 तारीख या उससे पहले भी दस्तक दे सकता है। केरल में आने के करीब 10 दिन बाद प्रदेश में मानसून सक्रिय होता है, इसलिए प्रदेश में निर्धारित समय यानी 10-11 जून तक मानसूनी वर्षा शुरू होने का अनुमान है। इधर, राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्से में गुरुवार तो सुबह से देर रात तक दो-तीन बार बारिश हुई है।

राजधानी में 1 सेमी से ज्यादा और बिलासपुर तथा आसपास तकरीबन 1 सेमी पानी बरसा है। अंबिकापुर और जगदलपुर में भी बौछारें पड़ी हैं। इससे लगभग सभी जगह दोपहर का तापमान 2 से 5 डिग्री तक कम हो गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह मानसून पूर्व की वर्षा नहीं है। ऊपरी हवा में चक्रवात और एक द्रोणिका के असर से बादल आए हैं। प्रदेश में कई जगह शुक्रवार को भी अंधड़-बारिश के आसार हैं।

गुरुवार को मानसून की उत्तरी सीमा मालदीव, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर, दक्षिणी बंगाल की खाड़ी और कोमोरिन सागर तक पहुंच गई है। केरल के तिरुवनंतपुरम तट से मानसून अब केवल 100 किलोमीटर दूर है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन में मानसून रेखा के केरल की ओर बढ़ने व लक्षद्वीप तक पहुंचने की उम्मीद है। विभाग ने पहले कहा था कि मानसून 27 मई को केरल में दस्तक दे सकता है। वहीं, निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट ने मानसून के दस्तक की तारीख 26 मई बताई थी।

बारिश से नौतपा भी हुआ बेअसर
राजधानी में गुरुवार को सुबह 4 बजे साढ़े 3 मिमी पानी बरसा। 6 बजे भी बौछारें पड़ीं। इसके बाद दोपहर से शाम तक रुक-रुककर बूंदाबांदी हुई। आउटर यानी माना में 13 मिमी से ज्यादा बारिश हो गई। इस बारिश ने प्रदेश में दूसरे दिन भी नौतपे को बेअसर कर दिया।

राजधानी में 10 सालों में 3 बार यानी 2013, 2016 व 2017 में ही नौतपे में गर्मी नहीं थी, बाकी 7 साल खूब तपे और पारा 46.3 डिग्री तक पहुंचा। बिलासपुर में भी नौतपे में पिछले 10 में से 4 साल गर्मी नहीं पड़ी। वहां 2017 में 23 मई को दोपहर का तापमान 49.3 डिग्री तक पहुंच गया, जो प्रदेश का ऑलटाइम रिकार्ड है। छत्तीसगढ़ में बस्तर, सरगुजा और बिलासपुर संभाग का जंगल एरिया ही ऐसा है, जहां नौतपे में भीषण गर्मी कम बार ही रही।

मौसम विज्ञान केंद्र लालपुर के अनुसार उत्तर-पश्चिम राजस्थान से छत्तीसगढ़ होते हुए अंदरुनी ओडिशा तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इसके अलावा बिहार और आसपास 1.5 किमी ऊंचाई पर चक्रवात है। इसके असर से प्रदेश में काफी नमी अा रही है। इसी वजह से शुक्रवार, 27 मई को भी कई जगह अंधड़ के साथ हल्की वर्षा के आसार हैं।

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

#Crime Updates

More like this
Related